मध्य प्रदेश

टीईटी के कारण प्रदेश के सवा लाख शिक्षकों का भविष्य अधर में

मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने मध्य प्रदेश सरकार से निवेदन किया है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी आदेश के विरुद्ध शिक्षकों के हित में सुप्रीम कोर्ट में इस तानाशाही फैसले की विरुद्ध अपील करना चाहिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शासन को अपने स्तर पर निर्णय लेना है इसको लेकर पहले शासन से बात की जाएगी यदि बात नहीं बनती है तो सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाएंगे उपरोक्त जानकारी देते हुए ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा अध्ययन करना अनिवार्य है यदि शिक्षक उत्तीर्ण नहीं होते तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे जाएगी  इस मामले में संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष डॉक्टर अशफाक खान का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने का निर्णय समस्त संगठनों से मिलकर किया जाएगा शिक्षक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र चौकसे का कहना है कि प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालय में पडाने वाले अध्यापकों को 2 वर्षों में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है यदि निर्धारित अवधि में शिक्षक परीक्षा नहीं करते हैं एवं उनकी सेवानिवृत्ति में 5 वर्षों से अधिक का समय शेष हो तो ऐसे शिक्षकों को स्वयं सेवानिवृत्ति होने अथवा अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान किया जाएगा। नेशनल मूवमेंट के अनिल बाविस्कर, बृजेश राठौर का कहना है कि पात्रता परीक्षा के आदेश ने प्रदेश के लाखों शिक्षकों को बेचैन,   हथभ्रत  एवं भये ग्रस्त कर दिया है माननीय सर्वोच्च न्यायालय के पारित आदेश के क्रियान्वयन हेतु डीपी आई की जल्दबाजी गौर करने लायक है जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली एवं उच्चतम न्यायालय, जबलपुर द्वारा पुरानी पेंशन , ग्रेजुएटी तथा अन्य विषय के लिए अनेक शिक्षक हितेषीय आदेश अथवा मार्गदर्शन दिए गए हैं उन पर कभी भी शासन ने रुचि नहीं ली किंतु पात्रता परीक्षा वाले आदेश पर तत्परता दिखा दी, शिक्षक का जीवन ही परीक्षा होता है वह किसी परीक्षा से भयभीत नहीं होता किंतु परीक्षा का स्वरूप  मानवीय एवं प्राकृतिक होना चाहिए क्रियान्वयन के लिए आतुरता शिक्षकों के प्रति शासन के वास्तविक भाव को दर्शाता है। शिक्षक का जीवन ही परीक्षा होता है वह उदाहरण स्वरूप किसी पहलवान को या किसी उच्च अधिकारी को अगर कहा जाए कि आप फिर से पात्रता परीक्षा दीजिए तो वह क्या इसमें सफल हो सकते हैं तो शिक्षकों पर इस प्रकार क्यों अन्याय हो रहा है विचारणीय प्रश्न है संयुक्त मोर्चा के राजेश साल्वे ,राजेश पाटील, श्रीमती प्रमिला सगरे ,कल्पना पवार ,ज्योति पाटील सभी ने शासन से निवेदन किया है शिक्षक पात्रता परीक्षा आदेश पर पुनर्विचार करें मध्य प्रदेश शासन को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध अपील दायर करना चाहिए यह हमारा अनुरोध है।

Vijay Vishwakarma

Vijay Vishwakarma is a respected journalist based in Bhopal, who reports for Goodluck Media News. He is known for his exceptional reporting skills and extensive knowledge of the region. With a keen eye for detail and a passion for uncovering the truth, he has earned a reputation as a reliable and trustworthy source of news.

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