विदिशा में प्रदेश की प्रथम जिला स्तरीय अत्याधुनिक फिंगरप्रिंट लैब का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने

राहवीर विदिशा” मोबाइल एप बनाने वाले युवाओं का सम्मान, पुलिस कार्यालय व थानों को मिले ISO प्रमाण-पत्र
भोपाल, 08 मभोपाल मध्यप्रदेश में वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विदिशा जिले में प्रदेश की प्रथम जिला स्तरीय अत्याधुनिक फिंगरप्रिंट लैब की स्थापना की गई है। माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिनांक 07 मार्च को पीएम श्री बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शमशाबाद, जिला विदिशा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस अत्याधुनिक फिंगरप्रिंट लैब का शुभारंभ किया।
यह लैब भारत सरकार की फिंगरप्रिंट आधारित बहुउद्देशीय परियोजना NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) के अंतर्गत स्थापित की गई है, जो अपराध अन्वेषण को अधिक वैज्ञानिक, सटीक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विदिशा जिले द्वारा NAFIS प्रणाली के माध्यम से अब तक 117 प्रकरणों में फिंगरप्रिंट के आधार पर आरोपियों की पहचान और खोजबीन की गई है। इस तकनीक की सहायता से चोरी गए सामान की बड़ी मात्रा में बरामदगी संभव हुई है तथा गंभीर और अंधे कत्ल जैसे मामलों के खुलासे में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।
पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्थापित यह जिला स्तरीय अत्याधुनिक फिंगरप्रिंट लैब प्रदेश में अपनी तरह की पहली पहल है, जो भविष्य में अपराध अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करेगी और अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगी।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल (देहात) जोन श्री संजय तिवारी तथा पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी को पुलिस कार्यालय एवं जिले के विभिन्न थानों के लिए प्राप्त ISO प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विदिशा जिले के 20 थानों तथा 5 पुलिस कार्यालयों का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नयन किया गया है। पुलिस थानों और कार्यालयों में ISO मानकों को लागू करने का उद्देश्य सेवा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और नागरिक संतुष्टि को बढ़ाना है, जिससे आमजन को अधिक व्यवस्थित और बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित “राहवीर विदिशा” मोबाइल एप बनाने वाले युवाओं को भी माननीय मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। यह एप माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विदिशा पुलिस की पहल पर विकसित किया गया है, जिसे सम्राट अशोक टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (SATI) के इंजीनियरिंग छात्रों ने निःशुल्क तैयार किया है। एप के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के विभिन्न स्थानों पर 150 प्रशिक्षित ट्रॉमा सपोर्ट वॉलंटियर भी तैयार किए गए हैं, जो दुर्घटना की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुँचकर सहायता प्रदान करेंगे।
यह पहल आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय का उदाहरण है, जिससे अपराध अनुसंधान को मजबूती मिलने के साथ-साथ आमजन को त्वरित सहायता और बेहतर पुलिस सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।





