बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दीनदयाल बेदिया द्वारा छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार और विद्यार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता

छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार और विद्यार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता : कुलगुरु प्रो. दीनदयाल बेदिया
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में छात्रावासों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए वार्डन, यंत्री एवं छात्रावास अधीक्षकों की बैठक आयोजित
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. दीनदयाल बेदिया द्वारा विश्वविद्यालय के कन्या एवं बालक छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देते हुए वार्डन, विश्वविद्यालय के यंत्री एवं छात्रावास अधीक्षकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुलगुरु महोदय ने छात्रावासों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, उनकी समस्याओं की पहचान करने तथा उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कुलगुरु प्रो. बेदिया ने सभी वार्डनों को निर्देशित किया कि वे छात्रावास में निवासरत विद्यार्थियों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करें तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनके समाधान के लिए तत्काल पहल करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ वार्डन का संबंध केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि अभिभावक जैसा होना चाहिए। वार्डनों को विद्यार्थियों के साथ एक पालक एवं पिता के समान संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करना चाहिए, ताकि विद्यार्थी छात्रावास में स्वयं को सुरक्षित महसूस करें और अपनी समस्याओं को बिना किसी संकोच के साझा कर सकें।
कुलगुरु महोदय ने विश्वविद्यालय के अभियंताओं को छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य तत्काल पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने खिड़कियों की जालियों, वाटर कूलर, विद्युत उपकरणों, वाई-फाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
इसी क्रम में कुलगुरु महोदय ने आज प्रातः निवेदिता कन्या छात्रावास का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुछ खराब कमरों की स्थिति का जायजा लिया और विश्वविद्यालय के यंत्री को तत्काल मरम्मत कर उन्हें उपयोग योग्य बनाने के निर्देश दिए, ताकि इन कमरों को भी छात्राओं के आवंटन हेतु उपलब्ध कराया जा सके। इस पहल से छात्रावास में उपलब्ध आवासीय सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
कुलगुरु प्रो. बेदिया ने विश्वविद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता पर भी बल दिया। इस क्रम में उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों एवं विभागों में योगाभ्यास करने वाले महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की भावना के अनुरूप विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक दायित्व है। समाज और संस्थान के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को सकारात्मक योगदान देना चाहिए।
उन्होंने छात्रावासों में कार्यरत कर्मचारियों से भी श्रमदान के माध्यम से छात्रावासों एवं आसपास के परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अनुरोध किया।
कुलगुरु महोदय की इस पहल का उद्देश्य छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण एवं संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराना है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रावासों की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार, विद्यार्थियों से संवाद तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।





