बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में 35 साल तक अटेंडेंस का रिकॉर्ड नहीं! RTI में खुलासा, 275 करोड़ रुपये के वेतन भुगतान पर उठे सवाल
भोपाल के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 1988 से 2023 तक विश्वविद्यालय के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हैरानी की बात यह है कि इसी अवधि के दौरान कर्मचारियों को करीब 275 करोड़ रुपये का वेतन भुगतान किया गया।
अब सवाल यह उठता है कि जब कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं था, तो वेतन भुगतान किस आधार पर किया गया? आखिर वेतन बिलों को किसने प्रमाणित किया और कर्मचारियों की कार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई?
यह खुलासा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र धर्मेंद्र सिंह द्वारा दायर RTI के जवाब में हुआ है। पूर्व छात्र ने इस पूरे मामले की गहन जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
आपको बता दें कि बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1970 में हुई थी। वर्ष 1988 में इसका नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी प्रोफेसर बरकतुल्लाह के नाम पर रखा गया था। समय के साथ विश्वविद्यालय में विभागों और शिक्षकों की संख्या में भी विस्तार हुआ।





