खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, जिला भोपाल द्वारा शरद पूर्णिमा के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण हेतु लिए ग

**1. जय श्री कृष्ण स्वीट्स, अमरनाथ, भोपाल:** निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान से पनीर, मावा एवं दूध के नमूने जांच हेतु लिए गए।
**2. गुर्जर डेयरी एवं स्वीट्स, छोला रोड, भोपाल:** निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान से मावा एवं शरद पूर्णिमा स्पेशल लड्डू के नमूने जांच हेतु लिए गए।
**3. गुप्ता स्वीट्स एंड नमकीन, छोला रोड, भोपाल:** निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान से मावा एवं शरद पूर्णिमा के अवसर पर विशेष रूप से तैयार किए जाने वाले मावा के लड्डुओं के नमूने जांच हेतु लिए गए।
लिए गए सभी नमूनों को नियमानुसार प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
## मिठाइयों पर लगे चांदी एवं एल्युमिनियम वर्क के संबंध में उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक जानकारी
शरद पूर्णिमा एवं आगामी त्योहारों के दौरान बाजारों में विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की बिक्री की जाती है। मिठाइयों को अधिक चमकीला एवं आकर्षक बनाने के लिए उन पर धातु का वर्क लगाया जाता है। आम नागरिकों को अवगत कराया जाता है कि मिठाई खरीदते समय केवल उसकी चमक एवं आकर्षक दिखावट से प्रभावित न हों, बल्कि उसकी गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा पर भी ध्यान दें।
**चांदी के वर्क एवं एल्युमिनियम वर्क में अंतर**
खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया खाद्य उपयोग के लिए उपयुक्त चांदी का वर्क मिठाइयों पर लगाया जा सकता है। वहीं, एल्युमिनियम अथवा अन्य गैर-अनुमोदित धातुओं के वर्क का खाद्य पदार्थों में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
**हाथ से रगड़कर पहचान करने का पारंपरिक तरीका**
– **चांदी का वर्क:** पारंपरिक रूप से चांदी के पतले वर्क को उंगलियों के बीच हल्के से रगड़ने पर वह टूटकर बारीक कणों में बिखर सकता है अथवा धीरे-धीरे गायब होता हुआ दिखाई दे सकता है।
– **एल्युमिनियम वर्क:** इसे हाथ से रगड़ने पर यह आसानी से गायब होने के बजाय सिकुड़कर छोटी-छोटी धात्विक गांठों या मोटी धार जैसी आकृति बना सकता है।
– **चमक के आधार पर पहचान:** केवल अधिक चमकदार या कम चमकदार होने के आधार पर वर्क की धातु की पहचान करना विश्वसनीय नहीं है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि हाथ से रगड़कर वर्क की पहचान करने का तरीका केवल एक पारंपरिक संकेत है, प्रमाणित जांच विधि नहीं। वर्क की वास्तविक धातु की पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण से ही की जा सकती है। अतः उपभोक्ता केवल इस घरेलू परीक्षण के आधार पर मिठाई को सुरक्षित अथवा असुरक्षित न मानें।
## आम नागरिकों से अपील
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, जिला भोपाल आम नागरिकों से अपील करता है कि शरद पूर्णिमा एवं त्योहारों पर मिठाइयां खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता दें। केवल आकर्षक चमक देखकर मिठाइयां न खरीदें। विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से मिठाइयां खरीदें तथा संदिग्ध वर्क लगी मिठाइयों के संबंध में संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सूचना दें।
खाद्य कारोबारकर्ताओं से भी अपेक्षा की जाती है कि वे मिठाइयों में केवल खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप अनुमत सामग्री एवं वर्क का ही उपयोग करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
**खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला भोपाल**







