संघ की शाखा से व्यक्ति निर्माण और व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण होता है – श्री सुरेंद्र सिंह

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन के अंतर्गत रविवार को भोपाल शहर के विभिन्न नगरों और बस्तियों में 100 से अधिक स्थानों पर पथ संचलन निकाले गए। स्वयंसेवकों ने घोष की धुन पर कदम से कदम मिलाकर अनुशासन, संगठन शक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में युवाओं से संघ की शाखा से जुड़कर व्यक्तित्व निर्माण और समाज जीवन में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया गया।
पुराना अशोका गार्डन स्थित मनसा देवी मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य भारत प्रांत के सह प्रांत प्रचारक श्री सुरेंद्र सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्री सुरेंद्र सिंह ने कहा कि संघ की शाखा से व्यक्ति निर्माण और व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण होता है। उन्होंने युवाओं की समाज एवं राष्ट्र निर्माण में भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शाखा अनुशासन, संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव विकसित करने का माध्यम है। श्री सुरेंद्र सिंह ने विजयादशमी के पथ संचलन के संदर्भ में युवाओं से शाखा से जुड़ने और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने संघ द्वारा प्रतिपादित पांच परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव तथा नागरिक कर्तव्यों के पालन को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता और उपनिषदों सहित भारतीय शास्त्रों का अध्ययन परिवारों को संस्कारवान बनाने में सहायक है। समाज में प्रत्येक व्यक्ति के प्रति समानता, सम्मान और आत्मीयता का भाव आवश्यक है।
संघ की साधना हिंदू समाज के संगठन के लिए समर्पित है.-अखिलेश श्रीवास्तव
आकृति इकोसिटी के पथ संचलन के कार्यक्रम में मध्य भारत प्रांत के प्रचार प्रमुख श्री अखिलेश श्रीवास्तव ने
कहा की आज समाज की परिस्थितियाँ बदली है। हिंदू समाज शक्ति संपन्न और संगठित होकर खड़ा हुआ है पूरा विश्व भारत की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहा है संघ ने समाज परिवर्तन के लिए शताब्दी वर्ष से कई प्रयास प्रारंभ किए हैं पँच परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन का कार्य होना है स्वयंसेवक इन पांच परिवर्तनों को पहले अपने व्यक्तिगत जीवन में लायेंगे और फिर समाज को भी उसी और बढ़ाएंगे । उन्होंने कहा कि संघ की 100 वर्ष की यात्रा कई पड़ावों से होकर गुजरी है संघ ने पराधीनता के समय देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और उसके बाद हिंदू समाज के संगठन के लिए अनवरत कार्य किया है।
विभिन्न बस्तियों में हुए आयोजन
रामेश्वरम नगर की पेबल शिवनारायण बस्ती में आयोजित पथ संचलन में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश श्री रोहित आर्या मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सनातन परंपरा और व्यक्ति निर्माण को संघ के विचारों का आधार बताया। मध्य भारत प्रांत के सह संपर्क प्रमुख श्री गिरीश जोशी ने समाज को एक विचार और चेतना के साथ संगठित होकर भारत को वैभव पर पुनर्स्थापित करने का आह्वान किया।
सागर बस्ती में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन में भाग लिया। विद्युत भाग के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने संगठन शक्ति, सामाजिक समरसता, स्व-जागरण, नागरिक शिष्टाचार, पर्यावरण और स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। मार्ग में मातृशक्ति और बच्चों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। नारायण नगर की श्रीराम बस्ती में श्री राकेश सोनकर ने संगठन की शक्ति और शाखाओं को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। भानपुर बस्ती में श्री सुधांशु चतर तथा प्रताप बस्ती, मंडीदीप में नगर संघचालक श्री किरण कुमार जैन का बौद्धिक हुआ। अन्य स्थानों पर भी स्वयंसेवकों ने संगठन, संस्कार, सेवा और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों और समाजजनों ने राष्ट्रहित में कार्य करने तथा भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इसी क्रम में निशातपुरा क्षेत्र में हुए कार्यक्रम में प्रांत सद्भावना प्रमुख
श्री निमेष सेठ ने संघ शताब्दी वर्ष और पंच परिवर्तन पर युवाओं का मार्गदर्शन किया।




