निर्माण एजेंसी के सभी सहायक यंत्री एवं उपयंत्री मौके पर तैनात रहें,निर्माण कार्यों का निरंतर निरीक्षण करें

उज्जैन- निर्माण एजेंसी के सभी सहायक यंत्री एवं उपयंत्री मौके पर तैनात रहें और निरंतर निरीक्षण करते हुए कार्यों पर नजर रखें। सिंहस्थ के लिए पदस्थ किए गए इंजीनियरों को संबंधित जिलों से तुरंत रिलीव करवाने एवं जॉइनिंग करने का कार्य अपर मेला अधिकारी को सौंपा गया है। संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने आज सिंहस्थ कार्यों की समीक्षा की और दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती नेहा जैन, अपर आयुक्त नगर निगम श्री संतोष टैगोर, अपर मेला अधिकारी श्री ओमप्रकाश सनोडिया सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।
सिंहस्थ कार्यों की प्रगति रिपोर्ट देंगे इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र
सिंहस्थ निर्माण कार्यों की प्रगति की रिपोर्टिंग के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों की एक टीम बनाई गई है। प्रत्येक साइट पर 4-4 छात्र निरंतर जाएंगे व कार्य की प्रगति देखेंगे कि प्रतिदिन कितना काम हुआ है। यह टीम सीधे सिंहस्थ कार्यालय को रिपोर्ट करेगी। निर्माण कार्य में लगे इंजीनियर यदि साइट पर नहीं जाएंगे, तो इसकी सूचना भी सिंहस्थ कार्यालय को सीधे मिला करेगी।
31 दिसंबर 2026 से पहले सिंहस्थ के 60 से अधिक कार्य पूर्ण हो जाएंगे
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा जानकारी दी गई कि 31 दिसंबर तक उनके 60 से अधिक कार्य पूर्ण हो जाएंगे। इन कार्यों की विभागवार जानकारी इस प्रकार है—
पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा किए जाने वाले कार्य
128 कांस्टेबल क्वार्टर चिमनगंज थाना लागत 49.7 करोड़, 16 जीओ क्वार्टर पीटीएस परिसर 99.4 करोड़, 32वीं बटालियन एसएएफ में 160 क्वार्टर 69.23 करोड़, डीआरपी लाइन में 192 एनजीओ क्वार्टर 60.9 करोड़, 32 एनजीओ क्वार्टर चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में 56.07 करोड़, भैरवगढ़ में 320 क्वार्टर 52.3 करोड़, 350 बेड की मेल बैरक पीटीएस परिसर में 81.13 करोड़, 64 कांस्टेबल क्वार्टर उन्हेल थाना परिसर में 44.87 करोड़, भैरवगढ़ थाना परिसर में 64 क्वार्टर 20.95 करोड़, एसएएफ में 96 क्वार्टर 82.58 करोड़, होमगार्ड लाइन पर एसडीईआरएफ विकसित करना 35.75 करोड़, तपोभूमि में नवीन थाना परिसर 97.41 करोड़, महाकाल लोक में नया थाना 100 करोड़, एसएएफ मेस परिसर में पुलिस क्वार्टर 17.1 करोड़।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य
33/11 केवी के सब-स्टेशन लागत 90 करोड़, 33/11 केवी के सब-स्टेशन लागत 100 करोड़, 33/11 केवी सब-स्टेशन लागत 40 करोड़, 33/11 केवी के सब-स्टेशन लागत 100 करोड़, 33/11 केवी के सब-स्टेशन लागत 90 करोड़ आदि कार्य पूर्ण होंगे।
जीर्णोद्धार एवं अस्पताल परियोजनाएँ
वीर दुर्गादास की छतरी, उज्जैन में संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य पर्यटन विकास निगम द्वारा। भैरवगढ़ औषधालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 6-शय्या अस्पताल की स्थापना की कुल लागत 100 करोड़ रुपए।
सड़क, पुल एवं अन्य परियोजनाएँ
लोक निर्माण एवं सेतु निगम
बड़ापुल रणजीत हनुमान–मोजामखेड़ी तथा काल भैरव से मोजामखेड़ी तक चार-लेन सड़क निर्माण की लागत 89.61 करोड़ रुपये है। सदावल में चार हेलीपैड का निर्माण लोक निर्माण विभाग बी एंड आर, उज्जैन द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 99.89 करोड़ रुपये है। उज्जैन–बड़नगर सड़क (एनएचएआई का शेष भाग) का निर्माण लोक निर्माण विभाग बी एंड आर, उज्जैन द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 86.27 करोड़ रुपये है। मंगलनाथ से चक कमेड़ तक चार-लेन सड़क निर्माण लोक निर्माण विभाग बी एंड आर, उज्जैन द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 32.19 करोड़ रुपये है। उज्जैन–नागदा रेलखंड के किमी 48/9-10 पर एलसी संख्या 23 के स्थान पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पुल), उज्जैन द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 100 करोड़ रुपये है। इंदौर–उज्जैन रेलखंड (विक्रम नगर–करछा) पर एलसी संख्या 7/19-21 पर आरओबी का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पुल) द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 86.73 करोड़ रुपये है। काल भैरव मंदिर से गढ़कालिका मंदिर तक सड़क निर्माण तथा ओखलेश्वर के मौजूदा पुल के समानांतर क्षिप्रा नदी पर पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पुल), उज्जैन द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 53.37 करोड़ रुपये है। चिंतामण गणेश रेलवे स्टेशन एप्रोच रोड का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 48.49 करोड़ रुपये है। महामृत्युंजय द्वार से नानाखेड़ा चौराहे तक सड़क निर्माण लोक निर्माण विभाग सिंहस्थ, उज्जैन द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 91.22 करोड़ रुपये है। करोहन से नईखेड़ी तक सड़क निर्माण लोक निर्माण विभाग सिंहस्थ, उज्जैन द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 78.58 करोड़ रुपये है। नईखेड़ी रेलवे स्टेशन एप्रोच रोड का निर्माण लोक निर्माण विभाग सिंहस्थ, उज्जैन द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 72.34 करोड़ रुपये है। पंवासा फ्लैग स्टेशन एप्रोच रोड का निर्माण लोक निर्माण विभाग सिंहस्थ, उज्जैन द्वारा किया जाएगा। इसकी लागत 71.11 करोड़ रुपये है।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्य
सुविधा केंद्र एवं 7 हाईमास्ट परियोजना — सुविधा केंद्र 5 (सोडंग उपपड़ाव), ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवाएँ द्वारा। लागत 84.8 करोड़। सुविधा केंद्र 1 (श्री पिंगलेश्वर महादेव मंदिर), ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवाएँ द्वारा। लागत 95.1 करोड़। सुविधा केंद्र 2 (श्री कायावरोहेश्वर महादेव मंदिर), ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवाएँ द्वारा लागत 70.67 करोड़। सुविधा केंद्र 3 (नलवा उपपड़ाव), ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवाएँ द्वारा लागत 86.73 करोड़। सुविधा केंद्र 4 (श्री बिलकेश्वर महादेव मंदिर), ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवाएँ द्वारा लागत 77.25 करोड़। सुविधा केंद्र 6 (श्री दुर्दुरेश्वर महादेव मंदिर), ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवाएँ द्वारा लागत मूल्य: 94.69 करोड़। पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के पड़ाव एवं उपपड़ाव पर 7 हाईमास्ट तथा परिसर प्रकाश व्यवस्था कार्य, ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवाएँ द्वारा लागत 100 करोड़।
उज्जैन विकास प्राधिकरण के कार्य
भर्तृहरि गुफा से ऋणमुक्तेश्वर तक 12 मीटर चौड़ी सड़क, उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा। सड़क, लागत 16.5 करोड़। प्रशांति धाम चौक से शनि मंदिर तक 12 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण, उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा लागत मूल्य: 26.31 करोड़। गढ़कालिका मंदिर से पीर मत्स्येंद्रनाथ तक 12 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण, उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा लागत मूल्य: 50.51 करोड़।
नगर निगम उज्जैन के कार्य
कोयला फाटक से छत्री चौक–गोपाल मंदिर, उज्जैन तक सड़क चौड़ीकरण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 81.7 करोड़ रुपये है। डॉ. हरिराम चौबे मार्ग पर हनुमान नाका से हरिफाटक चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 55.74 करोड़ रुपये है। सिंधी कॉलोनी चौक से नीलगंगा तक केंद्रीय प्रकाश व्यवस्था एवं डिवाइडर निर्माण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 83.95 करोड़ रुपये है। नक्षत्र होटल से पंचमुखी हनुमान मंदिर तक सीमेंट कंक्रीट सड़क एवं चौड़ीकरण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 60.25 करोड़ रुपये है। विस्थापित लोगों को आवंटन हेतु पवासा में प्लॉटों पर मूलभूत सुविधाओं का विकास उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 82.8 करोड़ रुपये है। ढांचा भवन से एमआर-5 (एसआर-1) तक सड़क चौड़ीकरण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 57.21 करोड़ रुपये है। जंतर-मंतर सोलिटेयर होटल से वाकणकर पुल होते हुए रिंग रोड तक सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 52.66 करोड़ रुपये है। एसआर-4 (सांवेर रोड, डीमार्ट के सामने से एमआर-21 तक) सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 51.07 करोड़ रुपये है। एनसीएपी के अंतर्गत नीलगंगा चौक से हरिफाटक तक सड़क विकास कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 58.45 करोड़ रुपये है। मंछामन पीएमएवाई मल्टी से इंदौर रोड पर भक्तनिवास के पास तक सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 82.54 करोड़ रुपये है। शांति नगर मुख्य मार्ग से इंदौर रोड की ओर सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 65 करोड़ रुपये है। टैगोर चौक से डीओ तालाब तक सड़क चौड़ीकरण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 46.75 करोड़ रुपये है। नानाखेड़ा चौक से शांति पैलेस चौक, एमआर-2 तक सड़क चौड़ीकरण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 66.7 करोड़ रुपये है। संदीपनी चौक से उद्यान मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण एवं केंद्रीय प्रकाश व्यवस्था और डिवाइडर निर्माण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 19.3 करोड़ रुपये है। राजस्व कॉलोनी मुख्य सड़क, क्षपणक मार्ग क्रमांक 1 तथा राजस्व चौराहे पर सड़क चौड़ीकरण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 54.45 करोड़ रुपये है। जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत विकसित आवासीय इकाइयों का शेष कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। हामुखेड़ी बिजासन माता मंदिर से संत दमयंती आश्रम तक सड़क चौड़ीकरण कार्य उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। लागत 92.18 करोड़ रुपये है।
स्मार्ट सिटी द्वारा किए जा रहे कार्य
महाकाल पार्किंग से चौबीस खंभा मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण एवं निर्माण, उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लागत मूल्य: 74.7। महाकाल पार्किंग से अहिल्याबाई मार्ग (सरस्वती शिशु मंदिर सड़क) सड़क चौड़ीकरण एवं निर्माण, उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा। सड़क, मूल्य: 74.29। झालरिया मठ से रामघाट तक सड़क चौड़ीकरण एवं निर्माण, उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा सड़क, लागत मूल्य 74.09 करोड़ रुपए।
कोठी पैलेस का संरक्षण, जीर्णोद्धार— वीर भारत संग्रहालय के रूप में, उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा। संग्रहालय, लागत मूल्य 36.95 करोड़ रुपए। विक्रम कीर्ति मंदिर एवं विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के सिंधिया प्राच्य शोध संस्थान के संग्रहालय उन्नयन का शेष कार्य, स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा। लागत मूल्य: 99.44 करोड़। विक्रम कीर्ति मंदिर संग्रहालय में संग्रहालय इंटीरियर, प्रदर्शनी डिजाइन एवं प्रदर्शनियाँ, उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा। संग्रहालय, मूल्य 52.94 करोड़ रुपए।






