मध्य प्रदेश

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने दिए थे कमेटी गठित कर विस्तृत जांच के आदेश, महर्षि महेश योगी विवि की बढ़ी मुश्किलें,  मंत्रालय में पदस्थ osd ओ ने फाइल दवाई कार्रवाई न हो इस लिये सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार

महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में चल रही कथित अनियमितताओं और धांधली के मामले में मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री ने विभागीय नोटशीट पर सख्त टिप्पणी दर्ज करते हुए विश्वविद्यालय के खिलाफ मिली सभी शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग में हित साधने वाले अधिकारियों और विवि प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।

*5-6 महीने पहले भी जारी हुए थे निर्देश, तत्कालीन अधिकारियों ने दबाई फाइल*
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे गंभीर पहलू विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। जानकारी के अनुसार, लगभग 5 से 6 महीने पहले भी उच्च शिक्षा मंत्री ने इस मामले में जांच कराने के लिए अपनी स्पष्ट टिप के साथ फाइल आगे बढ़ाई थी। हालांकि, उच्च शिक्षा विभाग के तत्कालीन अधिकारियों ने उस समय इस फाइल को दबा दिया और कोई कार्रवाई नहीं की। अब मंत्री द्वारा दोबारा नोटशीट पर सख्त रुख अपनाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर तूल पकड़ता दिख रहा है, जिससे विभाग के भीतर भी हड़कंप मचा हुआ है।

*सुधाकर सिंह राजपूत की शिकायतों के मुख्य बिंदु*
विश्वविद्यालय की गड़बड़ियों को लेकर सागर निवासी सुधाकर सिंह राजपूत ने साक्ष्यों के साथ समय-समय पर शासन स्तर पर कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
* *विश्वविद्यालय का विधिक स्टेटस*: विश्वविद्यालय के कानूनी दर्जे और उसके संचालन की वैधानिकता पर सवाल।
* *कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति*: भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर की गई गड़बड़ियों के आरोप।
* *अधिकारियों की फर्जी डिग्री*: विश्वविद्यालय में पदस्थ उच्च अधिकारियों की डिग्रियों की प्रामाणिकता और उनके फर्जी होने की शिकायतें।
* *गैर-मान्यता प्राप्त कोर्स:* बिना आवश्यक स्वीकृतियों और मान्यता के कई पाठ्यक्रमों का संचालन करना।
* *विधि-विरुद्ध कदम:* विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा नियम-कायदों को ताक पर रखकर उठाए गए अन्य प्रशासनिक कदम।

*कर्ता-धर्ताओं पर लटकी कार्रवाई की तलवार*
उच्च शिक्षा मंत्री के इस कड़े फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच कमेटी का गठन कब तक होता है और इसमें किन अधिकारियों को शामिल किया जाता है। हालांकि, मंत्री के इस सीधे हस्तक्षेप और जांच के आदेशों से महर्षि महेश योगी विश्वविद्यालय प्रबंधन और इससे जुड़े कर्ता-धर्ताओं की मुश्किलें बढ़ना पूरी तरह तय माना जा रहा है।

Vijay Vishwakarma

Vijay Vishwakarma is a respected journalist based in Bhopal, who reports for Goodluck Media News. He is known for his exceptional reporting skills and extensive knowledge of the region. With a keen eye for detail and a passion for uncovering the truth, he has earned a reputation as a reliable and trustworthy source of news.

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