पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा से राज्य प्रशासनिक सेवा के 37 परिवीक्षाधीन उप-जिलाध्यक्षों ने की सौजन्य भेंट

भोपाल, 10 जुलाई 2026- पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा से आज पुलिस मुख्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के 37 परिवीक्षाधीन उप-जिलाध्यक्षों ने सौजन्य भेंट की। ये अधिकारी आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में 30 मार्च 2026 से 17 जुलाई 2026 तक परिचयात्मक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि सुशासन की प्रभावी स्थापना के लिए प्रशासन एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, संवेदनशील कार्यशैली तथा जनकेंद्रित दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करते हुए आमजन का विश्वास सुदृढ़ करें।
उन्होंने कहा कि ईमानदारी (Honesty), सत्यनिष्ठा (Integrity) और संवेदनशीलता ही एक अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है। किसी अधिकारी की सकारात्मक छवि वर्षों की मेहनत, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनसेवा से बनती है। इसलिए अधिकारियों को भ्रष्टाचार, पद के अहंकार एवं भौतिकवादी सोच से दूर रहकर सदैव जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
श्री मकवाणा ने अपने सेवाकाल के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासनिक जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जहां टीमवर्क, सकारात्मक नेतृत्व और समन्वित प्रयास असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को भी सफल बना देते हैं। उन्होंने कहा कि बड़े परिवर्तन सदैव धैर्य, सतत प्रयास और सामूहिक कार्यसंस्कृति से ही संभव होते हैं तथा प्रत्येक अधिकारी को परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए स्वयं तैयार रहना चाहिए।
पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, सामुदायिक पुलिसिंग, साइबर अपराधों की रोकथाम, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग की प्रमुख पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जन-जागरूकता अभियान के उल्लेखनीय परिणामों से प्रशिक्षु अधिकारियों को अवगत कराया तथा बताया कि जनभागीदारी के माध्यम से साइबर अपराधों की रोकथाम में व्यापक सफलता प्राप्त हुई है।
साथ ही उन्होंने 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले राज्यव्यापी “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान की रूपरेखा से भी अवगत कराया और कहा कि इस अभियान का उद्देश्य समाज, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देना है। उन्होंने इस अभियान में प्रशासन, पुलिस, शिक्षा संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आमजन की सक्रिय सहभागिता के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के बीच समन्वित कार्यप्रणाली को प्रभावी शासन-प्रशासन की आधारशिला बताया।
इस अवसर पर पीएसओ टू डीजीपी डॉ विनीत कपूर, एसोसिएट कोर्स डायरेक्टर आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी सुश्री रूचि जैन, एसओ टू डीजीपी श्री मलय जैन सहित परिवीक्षाधीन अधिकारी उपस्थित रहे।
ईमानदारी, सत्यनिष्ठा एवं जनसेवा ही एक अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान : डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा*
सुशासन, समन्वय एवं जनसेवा को लेकर हुई चर्चा







