21वीं शताब्दी में सतत् पर्यावरण हेतु मुद्दे एवं चुनौतियों पर अंतर महाविद्यालयीन प्रतियोगिता

भोपाल। शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई स्वशासी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय भोपाल में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से “पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम” के अंतर्गत भोपाल के विभिन्न महाविद्यालयों की छात्राओं द्वारा 21वीं शताब्दी में सतत् पर्यावरण हेतु मुद्दे एवं चुनौतियों पर प्रस्तुतिकरण किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय अग्रवाल ने छात्राओं सें बढते हुये पर्यावरण प्रदूषण पर चिंता जाहिर करते हुये कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपनी जीवन शैली में परिवर्तन लायें और प्राक्रतिक संसाधनों का सही और वैज्ञानिक ढंग से उनका उपयोग किया जाये, तभी हम आने वाली पीढी को सुरक्षित पर्यावरण दे सकेंगें। प्राणीशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण तामोट ने कहा कि आज पूरे विश्व में मौसम परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या है और आने वाले समय में कृषि उत्पादन इनके कारण गंभीर रूप से प्रभावित होगा साथ ही जल संकट एवं वायुप्रदुषण प्रबंधन एक गंभीर चुनोती है जिसका निदान जनसामान्य मैं जागरूकता लाने से ही हो सकता है| आज आवश्यकता है की हम अपने जीवन शैली मैं उन सभी सामग्रियों का न्यूनतम उपयोग करें जो पर्यावरण को नुकसान पहुचती हों| छात्राओं के द्वारा किये गए प्रस्तुतिकरन का मूल्यांकन डॉ. अभिलाषा भावसार विभागाध्यक्ष सरोवर विज्ञान एवं पर्यावरण विभाग बरकततुल्लाह विश्विद्यालय भोपाल एवं डॉ. दीपिका भार्गव द्वारा किया गया | जिसमे प्रथम पुरुस्कार कु. प्रतिक्षा मार्को शासकीय नूतन महाविद्यालय, द्वितीय पुरुस्कार कु. अनुपमा शर्मा, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यलय एवं तृतीय पुरुस्कार कु. आलिया कुरैशी, शासकीय एम.एल.बी. महाविद्यलय भोपाल को दिया गया| कार्यक्रम का संचालन और आभार डॉ. राधे शुक्ला, नोडल ऑफिसर इकोक्लब ने किया ।



