केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर में हिंदीपखवाड़े का शुभारंभ,हिंदी भारतीय संस्कृति, ज्ञान और चिंतन की सशक्त अभिव्यक्ति

भोपाल,-केंद्रीयसंस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर में 14 से 28 सितंबर 2026 तक आयोजितहोने वाले हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ आज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवासवरखेड़ी के संरक्षण एवं परिसर निदेशक प्रो. हंसधर झा की अध्यक्षता में हुआ।कार्यक्रम में वेद-वेदांग विद्याशाखाके समन्वयक प्रो. सुबोध शर्मा मुख्य अतिथि,भाषा, साहित्य एवं संस्कृति संकाय केसंकायाध्यक्ष प्रो. सनन्दन कुमार त्रिपाठी सारस्वत अतिथि तथा ज्योतिष विद्याशाखाके समन्वयक प्रो. भारत भूषण मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। परिसरीयराजभाषा समिति के अध्यक्ष एवं परिसर सह निदेशक प्रो. श्रीगोविन्द पाण्डेय ने भीकार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।मुख्य अतिथि प्रो. सुबोध शर्मा ने कहाकि हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और चिंतन कोअभिव्यक्त करने वाली सशक्त भाषा है। प्रो. सनन्दन कुमार त्रिपाठी ने हिंदी साहित्यकी समृद्ध परंपरा एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण में साहित्य की भूमिका पर प्रकाशडाला।प्रो. भारत भूषण मिश्र ने कहा कि भाषाका विकास तभी सार्थक है, जब वह ज्ञान-विज्ञान एवं आधुनिक विषयों की अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यमबने। प्रो. श्रीगोविन्द पाण्डेय ने राजभाषा हिंदी के संवैधानिक स्वरूप तथाकार्यालयीन एवं शैक्षणिक कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की आवश्यकता बताई।अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. हंसधर झाने हिंदी को भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति बताया।कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. ब्रह्मानंद मिश्र ने किया। डॉ. रजनीश शुक्ल नेस्वागत एवं प्रस्ताविकी प्रस्तुत की तथा डॉ. अश्वनी पाण्डेय ने आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।





