पशुपालन विभाग अधिकारियों की हद्धार्मिता तानाशाही एवं भेदभाव पूर्ण नीतियों के विरोध में प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन

पशुपालन विभाग अधिकारियों की हद्धार्मिता तानाशाही एवं भेदभाव पूर्ण नीतियों के विरोध में प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन
सुपरविजन, नियंत्रण का कार्य जिसमें VAS, DDVS,JDVS, Director Veterinary, Deputy Collector, Collector, Principal Seceretary 7 स्तरीय अधिकारियों द्वारा किया जाता है। यह भी हास्यपद है। वरिष्ठ अकारियों की पशु चिकित्सा की विशेषज्ञता का पशुपालको को कोई लाभ न मिलकर केवल एक सवर्ग (AVFO) के कार्य का निरीक्षण मात्र है।


6 सवर्ग द्वारा अनेको बार व्यवहारिक एवं वैधानिक कठिनाईयो का ध्यान विभाग प्रमुखो के दिलाया गया परन्तु उनका समाधान देने के बजाय और अन्य अव्यवसायिक आदेश प्रसारित किये जाते रहे है। जिसका लाभ पशुपालक को नही मिलती केवल कागजी आकडे तैयार करने से किसान समृद्धि या दुग्ध संवधन सम्भव नही है। हम सख्या पर नही परिणाम पर ध्यान देने की आवश्यकर्ता है। जिससे वास्तव में पशुपालको की समद्धि हो सके किसी सुविधा को लेने या न लेने हेतु पशुपालक वैधानिक रूप से बाध्य नही है।
7 महोदय यदि विभाग प्रमुखो को अपनी नीति सुसंगत लगती है और पशुपालक हितेषी है तो पुनः अनुरोध है कि इस विषय पर विस्तार से तार्किक संवाद की जा सकती है जिसमें संध के दो सदस्य, दो विभाग प्रमुख और दो विषय विशेषज्ञ की उपस्थित हो। ताकि उक्त विषय के संबंध में उचित समाधान निकाला जा सके।
उपरोक्त तथ्यो के दृष्टिगत अपनी उपरोक्त वर्णित मांगो के सर्थन में तथा विभागीय अवैज्ञानिक तर्को के आधार पर विभिन्न दण्डात्मक आदेश के विरोध स्वरूप संवर्ग द्वारा भोपाल में दिनांक 15.12.2025 दिन सोमवार को एक दिवसीय “ध्यान आर्कषण धरना प्रदर्शन” रखा गया है।



