मध्य प्रदेश

सेवानिवृत्ति पर दोस्त की पाती

प्रिय मित्र निवृत्ति, सादर वंदे। सेवानिवृत्ति जीवन38 पूर्ण करने के बाद का एक नया अध्याय है, जहां आप अपने अनुभव और ज्ञान का उपयोग समाज के लिए कर सकते हैं। 😊

*सेवानिवृत्ति के फायदे:*

– *स्वतंत्रता*: सेवानिवृत्ति के बाद आप अपने समय का उपयोग अपने अनुसार कर सकते हैं।
– *नई गतिविधियाँ*: आप नई गतिविधियों और शौकों को अपनाकर अपने जीवन को और भी रोमांचक बना सकते हैं।
– *परिवार के साथ समय*: आप अपने परिवार के साथ अधिक समय बिता सकते हैं और उनके साथ संबंधों को मजबूत बना सकते हैं।
– *सामाजिक सेवा*: आप अपने अनुभव और ज्ञान का उपयोग समाज सेवा के लिए कर सकते हैं।

*सेवानिवृत्ति के लिए तैयारी:*

1. *आर्थिक तैयारी*: सेवानिवृत्ति के लिए आर्थिक तैयारी करें और अपने खर्चों को नियंत्रित रखें।
2. *स्वास्थ्य की देखभाल*: अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और नियमित जांच कराएं।
3. *नई गतिविधियों की खोज*: नई गतिविधियों और शौकों को अपनाएं जो आपको पसंद हों।
4. *सामाजिक संबंध*: अपने सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाएं और नए लोगों से मिलें।

प्रिय मित्र मुझे दुख है मैं आपको नियमित करने में असफल रहा हालांकि कोशिश मैं बहुत की कल भी माननीय एमडी साहब से संबंध में चर्चा किया था हमारे मंडी में लगभग अभी भी डेढ़ सौ लोगों का नियमित कारण होना बाकी है उनके लिए एक भी प्रयास जारी है शासन से फाइल आई है परीक्षण कर वापस भेजना है तुम्हारे साथ बचपन से बीते हुए पल मुझे आज भी याद है इच्छापुर देवी ग्राम में हम दोनों ने साथ में पढ़ते पढ़ते पहले से लेकर आठवीं तक फिर आठवीं से लेकर 11वीं तक शिक्षा ग्रहण की उसके बाद तुम मंडी में लग गए और मैं कॉलेज पढ़ता रहा लेकिन फिर वापस में मंडी में आया और हम फिर साथी हो गए मुझे याद है हम दोनों ने भारत की पूर्व राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिमा देवी पाटिल के साथ 1972 में डांस किया था उसे समय उम्र 7 वर्ष थी स्वर्गीय शिव भैया के चुनाव प्रचार के लिए आई थी और वह मुक्ताईनगर से उसे समय विधायक जी थी मुझे याद है स्वर्गीय प्रधानमंत्री जी श्रीमती इंदिरा गांधी इच्छापुर देवी आई थी दर्शन के लिए तब हमने गांधी सेना बनाकर उनसे मिले थे और उनके गाड़ी के आगे सो गए थे हमारे गांव में टीचर नहीं थे उस समय अपनी उम्र 14 साल थी हम लोगों ने बहुत मस्ती भी की है अपना दोस्त दत्तू अपने साथ था जो इस वक्त इस दुनिया में नहीं है और मुझे वह भी याद है जब तुमने तहसीलदार को फड़का का मारा था उसे समय की बात ही निराली थी यार आज भी बचपन की सारी बातें याद आती है अपना गांव अपनी नदी अपनी माता का मंदिर अपने खेत अपनी वह गोथान में मस्तियां  हल पर नहाने जाते थे तो फर्श पर बैल दौड़ते थे दशहरे पर क्या दिन थे वह  दिन नहीं लौट के आते मेरे दोस्त तू भले ही सेवा निवृत हुआ है लेकिन हमारे दिल दिमाग से आज भी हमारा साथी है, था और रहेगा तब सेवानिवृत्ति के बाद मस्त रहें स्वस्थ रहें अपनी जो अधूरी इच्छा है उसकी पूरी करो तेरे समाज का तो तू नेता है और बहुत शानदार धर्मशाला बनाया, मंदिर बनाया उसमें भी मेरा कहीं ना कहीं सहयोग है और आगे भी रहेगा भाई जय हिंद जय भारत जय मां इच्छा देवी की जय।                           तेरा दोस्त ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित *नंदू*

Vijay Vishwakarma

Vijay Vishwakarma is a respected journalist based in Bhopal, who reports for Goodluck Media News. He is known for his exceptional reporting skills and extensive knowledge of the region. With a keen eye for detail and a passion for uncovering the truth, he has earned a reputation as a reliable and trustworthy source of news.

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