2018 का वादा 2026 का धोखा गुरुजी नहीं बंधुआ मजदूर बने एमपी के 70000 अतिथि शिक्षक
मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने बताया कि शिक्षकों की कमी और बच्चों की बेहतर शिक्षा पूर्ति हेतु 2008 में अतिथि शिक्षकों की भर्ती हुई 2008 से 2017 तक ऑफलाइन भर्ती प्रक्रिया थी बाद में 2017-18 में व्यवस्थित और पारदर्शी जीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से अतिथि शिक्षकों की प्रक्रिया प्रारंभ हुई 2 सितंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा महापंचायत के माध्यम से अतिथि शिक्षकों की वेतन वृद्धि और अन्य अधिकारों के विषय में तमाम तरह की घोषणा की गई थी वेतन वृद्धि के अलावा अन्य घोषित मांगे अभी भी लंबी थे प्रदेश की अतिथि शिक्षक आज भी गुरु जी की तर्ज पर परीक्षा लेकर नियमितीकरण किए जाने की घोषणा का पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं संयुक्त मोर्चा के डॉक्टर अशफाक खान राजेश साल्वे अनिल बाविस्कर धर्मेंद्र चौक से विजेश राठौर ने बताया कि 2008 से 2026 तक अतिथि शिक्षकों के लिए साल दर्शन नए नियम कई नीतियां बनती गई कटौती भी की गई आज भी प्रदेश में 70000 अतिथि शिक्षक तटस्थ भूमि विभाग के साथ अपनी सेवाएं दे रहे लेकिन 2008 से 2026 तक अतिथि शिक्षकों की तकदीर सिर्फ फाइलों में घूम रही है शिवराज जी गए कमलनाथ जी आए फिर शिवराज जी लौटे अब मोहन सरकार कुर्सी सबकी बदली पर 70000 अतिथि शिक्षकों की किस्मत नहीं बदली आज भी अच्छे दिनों का इंतजार कर रहे हैं सबसे बड़ा सवाल यहां की न वेतन न बीमा ना सुरक्षित भविष्य प्रदेश की अतिथि शिक्षक निरंतर अपने संगठन के माध्यम से नियमितीकरण मानदेय में वृद्धि और सेवा निरंतरता की मांग कर रहे हैं। कम वेतन और असुरक्षित भविष्य के कारण अतिथि शिक्षक बंधु मजदूर बन गए हैं अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए या तो ट्यूशन पढ़ा रहा है या तो मजदूरी करनी पड़ रही है सवाल यह है कि कब अतिथि शिक्षक को नियमित किया जाएगा कब उनकी किस्मत बदलेगी सब राज्य सरकार पर निर्भर है



