वनरक्षक एवं जेल प्रहरी सहित 4 परीक्षा निरस्त होना दुखद एवं गैर जिम्मेदाराना, कारणों की हो उच्च स्तरीय जांचः अभाविप

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आज आयोजित वनरक्षक, जेल प्रहरी, सहायक जेल अधीक्षक एवं क्षेत्र प्रहरी भर्ती परीक्षा दूसरी पाली के दौरान सर्वर में आई खराबी के कारण रद्द कर दी गई। प्रदेश स्तरीय परीक्षा के इस प्रकार अचानक निरस्त होने से हजारों परीक्षार्थियों को भारी मानसिक पीड़ा, समय की बर्बादी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। साथ ही साथ विद्यार्थियों के मन में गहरा संशय, घोर असंतोष और पीड़ा का भाव पैदा हुआ है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस पूरी घटना पर गहरा रोष व्यक्त करती है।
अभाविप का यह स्पष्ट और अडिग मत है कि परीक्षा किसी भी विद्यार्थी के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। परीक्षार्थी वर्षों तक इसके लिए कठिन परिश्रम करते हैं। परीक्षा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही यह विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और यह किसी अपराध से कम नहीं है।
अभाविप सरकार से मांग करती है परीक्षा रद्द होने के मूल कारणों और सर्वर की इस गंभीर खामी की जांच के लिए तत्काल एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए तथा इस तकनीकी विफलता और अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, तकनीकी साझेदारों या दोषियों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही साथ आगामी 20 जून को पुनः आयोजित होने वाली इस परीक्षा में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल और राज्य सरकार विशेष सतर्कता बरते एवं भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, सर्वर फेलियर या विसंगति को रोकने के लिए एक व्यापक, पुख्ता और पारदर्शी योजना बनाई जाए।
अभाविप मध्यभारत प्रांत मंत्री श्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि “इस प्रकार, अंतिम क्षणों में परीक्षा का रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अभाविप सदैव छात्र हितों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। इस असमंजस एवं विपत्ति की घड़ी में अभाविप विद्यार्थियों के साथ है। दोषियों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में अभाविप उग्र आंदोलन हेतु बाध्य होगी।



