आरजीपीवी में हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन के उन्नत कूलिंग सिस्टम पर हिमांशु शर्मा का पीएचडी शोध कार्य पूर्ण

भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल में हिमांशु शर्मा ने हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन के लिए संशोधित रेडिएटर, विभिन्न इनसर्ट्स एवं नैनो द्रव आधारित उन्नत कूलिंग सिस्टम के अभिकल्प, विकास एवं तुलनात्मक कार्यक्षमता विश्लेषण विषय पर अपना पीएचडी शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। यह शोध इलेक्ट्रिक वाहनों की तापीय प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं ऊर्जा दक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शोध के दौरान संशोधित रेडिएटर, विभिन्न इनसर्ट्स एवं नैनो द्रवों का उपयोग कर उन्नत कूलिंग सिस्टम विकसित किया गया तथा उसके प्रदर्शन का तुलनात्मक अध्ययन किया गया। शोध अवधि में 05 शोध पत्र एससीआई एवं स्कोपस सूचीबद्ध अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए।
विकसित तकनीक को सृजन-2025 में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त सविश्कार-2025 में कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने भी इस नवाचार को सम्मानित किया। साथ ही इस शोध को राष्ट्रीय तकनीकी कौशल प्रदर्शनी-2025 में राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार प्राप्त हुआ। शोध कार्य से संबंधित चार पेटेंट भी दायर किए गए हैं।
यह शोध कार्य यूआईटी-आरजीपीवी, भोपाल के डॉ. रविन्द्र रणदा तथा रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरजेआईटी), बीएसएफ अकादमी ग्वालियर के डॉ. गौरव सक्सेना के संयुक्त मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर आरजीपीवी के कुलपति प्रो. आलोक शर्मा ने हिमांशु शर्मा एवं दोनों शोध निर्देशकों को बधाई देते हुए कहा कि उद्योगोन्मुख एवं नवाचार आधारित अनुसंधान देश में इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी के विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह शोध भविष्य में ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उपयोगी सिद्ध होगा तथा विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को और
अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।



