अपराध

आरोपी कैलाशचंद परवाल, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, विभाग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जिला खरगोन को  05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया



माननीय विशेष न्याीयालय (भ्र.निवा.अधिनियम) श्रीमान राजकुमार चौहान प्रथम अपर सत्र न्यालयाधीश महोदय, मण्डलेश्वरद्वारा 24 वर्ष पुराने आय से अधिक प्रकरण में *आरोपी कैलाशचंद परवाल, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, विभाग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जिला खरगोन को  05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।


विशेष बात यह रही कि प्रकरण की प्रथम सूचना निर्णय दिनांक की तरह ही 08.09.2002 को ही दर्ज की गयी थी




दिनांक 06-09-2002 को शिकायतकर्ता शैलेन्द्र  जोशी, निवासी धार ने आरोपी कैलाशचंद्र पोरवाल, तत्का0लीन कार्यपालन यंत्री, विभाग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जिला खरगोन द्वारा उससे 50,000 रूपये की रिश्वत की मांगे जाने पर लोकायुक्त को शिकायत की, जिस पर से की गयी कार्यवाही में आरोपी को फरियादी से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।

उक्त प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपी द्वारा वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की जानकारी प्राप्त  होने पर आरोपी कैलाशचंद्र परवाल के खरगोन, देवास व इंदौर स्थित आवासों की तलाशी लेने पर पाये गये सामान की सूचि बनाये जाने एवं आरोपी के बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों व अन्य  स्थाानों पर किए गए निवेश की अधिकता के दस्तावेजों के अवलोकन व उसके अधिपत्या से प्रथमदृष्टता अनुपातहीन संपत्ति पाये जाने पर उसके विरूद्ध दिनांक 08-09-2002 को अपराध क्रमांक 198/2002 अंतर्गत धारा 13(1)(ई) सहपठित धारा 13(2) भ्र.निवा.अधि. दर्ज किया जाकर विवेचना में लिया गया।

प्रकरण में विवेचना के दौरान आरोपी की चल अंचल संपत्ति ज्ञात स्त्रोतों से अर्जित आय एवं व्यय के संबंध में साक्ष्य अंकित की गयी एवं आरोपी द्वारा प्राप्ति प्रारंभिक अर्जन/व्यय को देखते हुए दिनांक 01-08-1981 से दिनांक 08-09-2002 तक निर्धारित की जाकर आय-व्यय की गणना में पाया गया कि आरोपी द्वारा उक्त अवधि में कुल 34,64,528 /- रूपये की आय ज्ञात स्त्रोतों से की गयी है। जबकि उक्ता अवधि में आरोपी द्वारा चल-अंचल संपत्ति व विविध मदों पर कुल 1,08,70,213/- रूपये व्याय किया गया।

उक्त विवेचना में प्रमाणित पाया गया है कि उक्त चेक अवधि में आरोपी के अधिपत्यय से ज्ञात आय के स्त्रोतों के कूल रूपये 74,05,690/- रूपये अनुपा‍तहीन संपत्ति अर्जित की गई है। जो कि 213.75 प्रतिशत राशि अधिक पायी गयी।

विपुस्था  लोकायुक्तत इंदौर द्वारा अपराध क्रमांक 198/2002 धारा 13(1)(ई) सहपठित धारा 13(2) भ्र.निवा.अधि. का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी के विरूद्ध विवेचना । पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यानयालय मण्डलेश्वर में प्रस्तुत किया गया था।

साक्ष्य के दौरान लगभग 131 साक्षियों की साक्ष्य अंकित की गई, जिसमें 500 से अधिक  दस्ता्वेज प्रदर्शित करवाए गए। अभियुक्तव को बचाव साक्ष्य का अवसर दिए जाने पर उसकी ओर से 190 बचाव साक्षियों की सूची प्रस्तुत की गयी, जिसमें से  03 साक्षियों की साक्ष्य  हेतु अनुमति दिए जाने पर आरोपी द्वारा माननीय उच्च       न्यायालय से निवेदन कर कुल  07 बचाव साक्षियों की अनुमति लेकर आया, जिसमें भी उसके द्वारा लगभग 350 दस्ता्वेजों को प्रस्तुत कर बचाव किया।

अभियुक्त को सजा भुगताए जाने हेतु उपजेल मंडलेश्वर भेजा गया है।

माननीय न्यातयालय श्रीमान राजकुमार चौहान विशेष एवम प्रथम अपर सत्र न्याायाधीश महोदय, मण्डलेश्वर द्वारा विचारण के दौरान आयी साक्ष्य के आधार पर आरोपी कैलाशचंद्र परवाल को दोषी पाते *05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25 लाख रूपये के अर्थदण्ड* से दण्डित किया गया।

प्रकरण में पैरवी विशेष लोक अभियेाजक (सहायक निदेशक, अभियोजन) श्री प्रकाश सोलंकी द्वारा की गई है।

Vijay Vishwakarma

Vijay Vishwakarma is a respected journalist based in Bhopal, who reports for Goodluck Media News. He is known for his exceptional reporting skills and extensive knowledge of the region. With a keen eye for detail and a passion for uncovering the truth, he has earned a reputation as a reliable and trustworthy source of news.

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