NAAC में गलत SSR प्रस्तुत करने वाले दोषियों पर हो FIR, RGPV में लागू हो धारा 54,अभाविप के प्रतिनिधि मंडल ने की उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात

भोपाल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने मध्य भारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार को राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की NAAC SSR रिपोर्ट में अकादमिक अनियमितताएँ के प्रमाण सौंपते हुए कुलपति एवं अन्य संबंधित दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है।
पिछले कई दिनों से RGPV लगातार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितता उजागर हो रही है। हाल ही में NAAC से A++ ग्रेड प्राप्त करने की प्रक्रिया में की गई धांधली इसका नवीनतम उदाहरण है।
अभाविप ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पोर्टल पर अपलोड की गई SSR रिपोर्ट में कई गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं। जिसने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक स्तर, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वास्तव में यह SSR NAAC टीम आने से पूर्व सार्वजनिक होना था, वह दिनांक 17 नवंबर को वेबसाइट पर अपलोड किया गया।
अभाविप ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में शामिल सभी दोषियों पर एफ.आई.आर दर्ज करते हुए विश्वविद्यालय के अंदर धारा 54 घोषित की जानी चाहिए।
अभाविप मध्यभारत के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि RGPV की SSR रिपोर्ट में कई गंभीर त्रुटियां है तो कई जानकारी वास्तविकता से विपरीत है। जो एक गंभीर अकादमिक भ्रष्टाचार है। रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं, जो प्रथम दृष्टया ही झूठे सिद्ध होते हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं मध्यप्रदेश सरकार को तुरंत दोषियों पर धोखाधड़ी की FIR दर्ज करनी चाहिए तथा विश्वविद्यालय में तत्काल प्रभाव से धारा 54 लागू करना चाहिए। आज अभाविप के प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री श्री इंदरसिंह परमार से उनके निवास में मुलाकात की है, यदि सरकार के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की हुई तो उग्र आंदोलन की भी चेतावनी अभाविप के प्रांत मंत्री ने दी है।




