संसद में बिल पारित हो शिक्षक पात्रता परीक्षा पर प्रधानमंत्री जी से आस ,निवेदन

*कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने भारत देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री जी, संवेदनशील प्रधानमंत्री जी से निवेदन किया है कि देश के 25 लाख शिक्षकों के भविष्य पर सुप्रीम कोर्ट की तलवार लटकी की है और सुप्रीम कोर्ट भी देश के सभी 25 लाख शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होने के लिए कह रहा है हम शिक्षक किसी परीक्षा से नहीं घबराते ना डरते हैं लेकिन भारत देश के 25 लाख शिक्षकों की अस्मिता की बात जिन 25 लाख शिक्षकों ने डॉक्टर ,इंजीनियर, आईएएस ,आईपीएस को शिक्षित किया उन शिक्षक/ शिक्षिकाओं को अपनी योग्यता साबित करने की बात की जा रही है यह तो एक प्रकार से गुरुजनों का अपमान है जिस देश में गुरु शिष्य परंपरा को सर्वोत्तम माना जाता है आज इस परंपरा को साबित करने की बात की जा रही है जो उचित नहीं है शिक्षा अधिनियम 2009 जब लागू हुआ है और जो लोग 2009 के पहले के हैं और जो परीक्षा देकर आए हैं इंटरव्यू देकर आए हैं, लिखित परीक्षा देकर आए हैं आज फिर से उन्हें परीक्षा देने की बात की जा रही है, साबित करने की बात की जा रही है जो कानूनन सही नहीं है 2009 के बाद जो नियुक्त हुए हैं इसमें भी बहुत सारे शिक्षक परीक्षा के माध्यम से, इंटरव्यू के माध्यम से चयन हुआ है और जो लोग परीक्षा नहीं दे पाए वह भी देना चाह रहे हैं इनकार नहीं कर रहे हैं लेकिन मध्य प्रदेश शासन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने की बात कर रहा है पूरी शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की बात करता है तो सुप्रीम कोर्ट में तो यह भी कहा है की 2005 के बाद नियुक्त समस्त शिक्षक शिक्षिका/ कर्मचारियों/ अधिकारियों को पुरानी पेंशन का अधिकार है सरकार उसको क्यों अमल में नहीं लाती यह एक प्रकार से पक्षपात है संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी डॉक्टर अशफाक खान ,राजेश साल्वे, धर्मेंद्र चौक से अनिल ,बाविस्कर राजकुमार मंडलोई, विजय राठौड़, श्रीमती कल्पना पवार का कहना है हम लोग 20 वर्षों से वरिष्ठता की मांग कर रहे हैं हम में से बहुत से शिक्षक/ शिक्षिका 1990 ,1995, 1998, 2003 से पदस्थ है और हमें आईएफएमएस पोर्टल पर 2018 दिखाया जा रहा है 20-20 साल की हमारी वरिष्ठता शून्य कर दी गई है जबकि रिकॉर्ड में हमें नियुक्ति दिनांक से दिखाया है माननीय मध्य प्रदेश सरकार आप प्रथम नियुक्ति दिनांक से गणना कर वरिष्ठता क्यों नहीं लागू करती और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पर तुरंत आपका कार्रवाई हो जाती है हम लोग भी लोकतंत्र के हिस्सा है इस मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास में हमारा भी योगदान है सरकार की सारी योजनाओं को लागू करने में हमारा भी बहुत बड़ा योगदान रहता है आज हमारा भविष्य अंधकार में प्रतीत हो रहा है ऐसे में मान् देश के प्रधानमंत्री जी से निवेदन है लोकसभा में शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंध में बिल लाया जाए शिक्षक पात्रता परीक्षा को शून्य किया जाए और देश के 25 लाख शिक्षकों को राहत प्रदान की जाए हम मरते दम तक आपका समर्थन करते रहेंगे ,एहसानमंद रहेंगे जय हिंद जय भारत*



