16 जून को प्रधानमंत्री जी के नाम ज्ञापन

मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के द्वारा 2017 में शिक्षा के अधिकार अधिनियम में किए गए संशोधन के परिणाम से 20 वर्षों से अधिक समय से अपना श्रेष्ठ शैक्षणिक करते हुए निर्वहित करने वाले लाखों शिक्षकों की पात्रता परीक्षा लिए जाने वाले प्रावधान को संसद में संशोधित किए जाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस एवं संयुक्त मोर्चा बुरहानपुर 16 जून मंगलवार को जिला कलेक्टर बुरहानपुर में एवं पूरा मध्य प्रदेश में जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार एवं महामंत्र राज्यपाल मध्य प्रदेश के नाम से ज्ञापन सोपे जाएंगे शिक्षक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र चौकसे ने बताया कि संगठन के प्रांत अध्यक्ष नवनीत चतुर्वेदी द्वारा प्रदेश के लाखों शिक्षकों के भविष्य की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए अंतिम उपाय के रूप में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा ही शिक्षा के अधिकार अधिनियम लागू होने की पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पात्रता परीक्षा देने से मुक्त किए जाने हेतु 2017 के शिक्षा के अधिकार अधिनियम संशोधन को पुणे परिवर्तित की जान का आग्रह हेतु ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा, संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष डॉ अशफाक खान, नेशनल मूवमेंट के अनिल बाविस्कर ,विजय राठौड़, अनिल सातव ,अजेक्स के राजेश साल्वे, अपॉक्स के राजकुमार मंडलोई ,श्रीमती कल्पना पवार, राजेश पाटील ,बलवंत पाटिल द्वारा बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के पश्चात अब भारत सरकार ही प्रदेश एवं देश के लाखों शिक्षकों के प्रति सहानुभूति पूर्वक निर्णय ले सकती है संयुक्त मोर्चा ने सभी शिक्षक साथियों शिक्षिकाओं को ज्ञापन कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है


