समस्या भारी है आज बुरहानपुर के शिक्षकों की बारी है

अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जिला बुरहानपुर के नेतृत्व में शिक्षक पात्रता परीक्षा निर्णय के विरोध में आज सामूहिक रूप से ज्ञापन सोपा गया उपरोक्त जानकारी देते हुए कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रांतीय संयोजक नेशनल मूवमेंट ऑफ ओल्ड पेंशनस्कीम भोपाल एवं संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय उपाध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित के नेतृत्व में जिला कलेक्टर कार्यालय में माननीय राष्ट्रपति जी माननीय प्रधानमंत्री जी माननीय मानव संसाधन मंत्री जी एवं मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन को ज्ञापन सैकड़ो की संख्या में उपस्थित होकर शिक्षिका , शिक्षकों ने ज्ञापन तहसीलदार श्री avasya आवास्या जी को सोपा गया इस अवसर पर संयुक्त मोर्चा के घटक दल मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के संजय राऊत, अमर पाटील राज्य कर्मचारी संघ के ठाकुर अरविंद सिंह उमेश रुपेरी ,मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस के धर्मेंद्र चौक से मध्य प्रदेश अजेक्स संघ के राजेश साल्वे ,सतीश दामोदर, मध्य प्रदेश अपोक्सं संघ के राजकुमार मंडलोई अखिल भारतीय उर्दू शिक्षक संघ के डॉ अशफाक खान सैयद शहजाद अली, आजाद शिक्षक संघ से संतोष निंभोर, नेशनल मूवमेंट से श्रीमती प्रमिला सगरे अनिल बाविस्कर, विजयश राठौर, विनोद राठौड़ सभी संगठनों ने संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में शिक्षक पात्रता परीक्षा अधिनियम 2009 को रद्द करने की मांग की अथवा पुनर्विचार करने की मांग की गई सभा को संबोधित करते हुए संजय राऊत ,अशफाक खान, श्रीमती प्रमिला सगरे ,श्रीमती प्रीति अग्रवाल ,धर्मेंद्र चौक से, ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित सभी ने एक स्वर से कहा कि लोक शिक्षण सं चनालय भोपाल के शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी आदेश क्रमांक 356 दिनांक 2 मार्च 2026 को निरस्त करने एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली के कक्षा 1 से 8 तक अध्यापन करें कार्य करने वाले शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता संबंधी आदेश पर पुनर्विचार याचिका दायर किया जाए जब शिक्षा अधिनियम 2009 आया है तो फिर 1995 1998 से लेकर 2008 तक के शिक्षकों को परीक्षा देना की आवश्यकता क्यों वर्तमान में प्रदेश के अलावा पूरे राष्ट्र में सभी शिक्षक साक्षात्कार के माध्यम से ही नौकरी पर लगे हैं जिन लोगों ने परीक्षा पास कर ली है उनसे दोबारा परीक्षा लेने का क्या औचित्य,? केंद्र सरकार राज्य सरकार और शिक्षा विभाग पुनर्विचार करें शिक्षक पात्रता परीक्षा के कारण शिक्षकों को मानसिक रूप से दबाव आ रहा है किसी का बीपी ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है किसी का हार्ट अटैक हो रहा है अभी ग्वालियर में हमारे साथी मुन्नीलाल जी का परीक्षा के चक्कर में हार्ट अटैक हो गया है शिक्षक परीक्षा से नहीं घबराते लेकिन दोबारा परीक्षा थोपना कहां तक उचित है सरकार इस पर पुनर्विचार कीजिए हम किसी भी सरकार के विरोधी नहीं है हम सरकार की सारी योजनाओं को फलीभूत करने में मध्य प्रदेश को समृद्ध बनाने में हम सब का प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से बहुत बड़ा योगदान है केंद्र सरकार राज्य सरकार को इस पर समझना चाहिए




