मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज विधानसभा में ₹4.65 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज विधानसभा में ₹4.65 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर रही है।
क्या युवाओं को मिलेगी पक्की नौकरी? क्या किसानों और महिलाओं के लिए खुलेगा सरकारी खजाना?
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विधानसभा में हंगामा: विपक्षी विधायकों की नारेबाजी
बजट भाषण के दौरान सदन में गर्मागर्म बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों ने कई मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप करते हुए विधायकों को शांत रहने और अपनी सीटों पर बैठने के निर्देश दिए ताकि बजट प्रस्तुतिकरण बिना बाधा जारी रह सके।
लाड़ली बहनों के लिए ₹23,882 करोड़ का महा-प्रावधान
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सरकार ने लाड़ली बहना योजना के लिए ₹23,882 करोड़ आवंटित किए।
राज्य की 1 करोड़ 25 लाख पंजीकृत महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।
वित्त मंत्री ने कहा—“हर नारी को न्याय हमारी सरकार का लक्ष्य है।”
जन धन योजना: 4.61 करोड़ खातों से वित्तीय समावेशन
मध्य प्रदेश में 4 करोड़ 61 लाख जन धन खाते खोले जा चुके हैं, जिससे गरीब वर्ग तक बैंक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हुई है।
श्रम विभाग को ₹1,335 करोड़—श्रमिकों का कल्याण फोकस में
असंगठित एवं संगठित श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए श्रम विभाग के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है। यह राशि श्रमिक कल्याण और सहायता योजनाओं पर खर्च होगी।
जनजातीय विकास: 11,277 गांवों के लिए ₹793 करोड़
दुर्गम व पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए ₹793 करोड़ आवंटित। इससे 11,277 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामण सड़कों पर सबसे बड़ा निवेश: ₹21,630 करोड़ मंजूर
‘मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना’ के तहत ग्रामीण संपर्क मार्गों को सुधारने के लिए अब तक का सबसे बड़ा आवंटन दिया गया है।
मत्स्य पालन क्षेत्र को ₹412 करोड़—नीली क्रांति को बढ़ावा
मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और मत्स्य पालकों की आमदनी सुधारने के लिए नए निवेश का प्रावधान किया गया।
एमपी—देश का तीसरा युवा प्रदेश, युवाओं के लिए बड़ा फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की युवा आबादी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण पूंजी है।
कौशल विकास, स्टार्टअप और रोजगार को लेकर विशेष योजनाएं बजट में शामिल की गईं।
सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष फंड
उज्जैन सिंहस्थ 2028 से जुड़े बड़े बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रावधान।
लक्ष्य—2026-27 में ही प्रमुख निर्माण कार्य पूरे करना।
किसान सम्मान निधि + मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से ₹12,000 प्रतिवर्ष
छोटे और सीमांत किसानों को खाद-बीज खरीदने में मदद के लिए मिलकर ₹12,000 सालाना सहायता जारी रहेगी।
किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप—₹3,000 करोड़ का प्रावधान
सिंचाई लागत कम करने के लिए बड़े पैमाने पर सोलर पंप वितरण की घोषणा।
हर हाथ को काम’—मोहन सरकार का बड़ा लक्ष्य
रोजगार सृजन और कौशल विकास के लिए नया रोडमैप।
युवाओं को उद्योगों से जोड़ने के लिए नई नीतियां लाई जाएंगी।
पूजा-अर्चना के बाद विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पूजा-अर्चना के बाद बजट पेश करने विधानसभा का रुख किया।
विपक्ष का आरोप—सरकार कर्ज लेकर घी पी रही है
नेता प्रतिपक्ष गुल्लक लेकर सदन पहुंचे।
सत्ता पक्ष का जवाब—“हम पूंजीगत निवेश के लिए कर्ज लेते हैं।”
कैंसर और हार्ट मरीजों के लिए बड़ी राहत
बजट में सुपर-स्पेशियलिटी विभागों का विस्तार, स्टेट कार्डियक सेंटर और ऑर्गन ट्रांसप्लांट संस्थान की स्थापना की संभावना।
पहली बार पेश होगा ‘रोलिंग बजट’
2026-27 से 2028-29 तक तीन वर्षों के लिए वित्तीय योजना का नवीन मॉडल पेश किया जाएगा।
एमपी बनेगा देश का ‘वेलनेस डेस्टिनेशन’
उज्जैन से खजुराहो तक 12 ‘आस्था और वेलनेस हब’ विकसित होंगे।
‘आयुष वीज़ा’ के माध्यम से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना।
किसानों के लिए अलग कृषि बजट की उम्मीद
आधुनिक खेती, सिंचाई परियोजनाओं, फसल बीमा और सब्सिडी योजनाओं पर बड़ा फोकस।
बुजुर्गों की पेंशन में पारदर्शिता
डिजिटल पेंशन प्रणाली, सुरक्षा उपाय और हेल्पलाइन की घोषणा की संभावना।
महिलाओं के लिए नई स्वरोजगार योजनाएं
महिला स्वयं सहायता समूहों को कम ब्याज पर कर्ज और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल व सुरक्षा सुविधाओं का विस्तार।
2 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी लक्ष्य की ओर राज्य
मुख्यमंत्री का दावा—“प्रति व्यक्ति आय में तेजी से वृद्धि हुई है।”
औद्योगिक कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे के लिए बड़ा निवेश अपेक्षित।
पंचायत और निकाय चुनावों से पहले ग्रामीण विकास पर फोकस
गांवों में सड़क, जल आपूर्ति और पंचायत भवनों के आधुनिकीकरण पर बड़ा खर्च।



