मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश, उपाध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा भोपाल एवं प्रांतीय संयोजक नेशनल मूवमेंट ऑफ भोपाल के ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित

मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश, उपाध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा भोपाल एवं प्रांतीय संयोजक नेशनल मूवमेंट ऑफ भोपाल के ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने शायराना iअंदाज में कहां की कसौटी आएगी तो आए, हम आग में तपे हुए हैं। मुश्किल जितनी बड़ी, हौसला उतना तैयार। हार-जीत बाद की बात, पहले हर कसौटी के लिए तैयार है पत्थर बनकर टूटना मंजूर है पर मिट्टी बनाकर बिखरना मंजूर नहीं, आदरणीय माननीय प्रधानमंत्री जी आदरणीय मोदीजी देश के शिक्षक वर्तमान समय में एक निर्णय #tet से चिंतित हैं भयभीत है अपने भविष्य को लेकर कारण है ,एक परीक्षा के परिणाम से होने वाली अनिवार्य सेवा निवृत्ति और उसके बाद प्राप्त होने वाला अपात्रता प्रमाण पत्र का माथे में लगा कलंकऔर अपमान पूर्ण शेष जीवन उनके भविष्य की रोजी-रोटी छीनने की आशंका के तनाव की मनोदशा में किसी से भी किसी भी प्रकार के श्रेष्ठतम परिणाम की आशा नहीं की जाती है l विश्व के श्रेष्ठतम बल्लेबाज को कहिए कि अर्ध शतक लगाकर नहीं आए तो गोली मार दिया जाएगा आप यकीन मानिए वह भय और तनाव मे हरबार शून्य पर आउट होकर आएगा शिक्षक तनाव में है दबाव में है उनके पास कोई अन्य वैकल्पिक आय के स्रोत नहीं है उन्होंने तो केवल 20 से 25 वर्षों तक शिक्षकीय कार्य किया है अन्य कोई उपद्रव उन्होंने अपने जीवन में खड़ा नहीं किया किसी भी प्रकार की आय के अन्य स्रोत बनाने की प्रयास नहीं किए हैं उनकी निष्ठा तो राष्ट्र निर्माण में थी बच्चों के सीखने सिखाने में थी कमाने के हजार तरीके थे लेकिन जब जवानी थी तो उन्होंने निष्ठा ईमानदारी से लगातार अपने गुरुतर दायित्व का निर्वहन किया है, अब 50 -55 वर्ष की उम्र में आप उसे किसी दूसरे कार्यों की उम्मीद कैसे कर सकते हैं,NPS धारी हैं जिन्हे 2000 ₹-4000रु पेंशन प्राप्त होती है आप पुरानी पेंशन बहाल करिए उसके बाद आप टेट परीक्षा लीजिए एक बार नहीं साहब 100 बार हर शिक्षक आपकी हर परीक्षा में सफल होगा मानसून सत्र में ऐसी अमानवीय अन्यायकरी व्यवस्था को बदलने का अध्यादेश लाइए कसौटी पर तैयार। पत्थर बनकर टूटना मंजूर, पर मिट्टी बनकर बिखरना नहीं।




