IEHE, भोपाल के “युवा संवाद कार्यक्रम” में गूंजा राष्ट्र निर्माण का संदेश

“युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के राष्ट्रनिर्माता हैं” — श्री अजय धाकरस
भोपाल, 31 जुलाई को उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल में शुक्रवार को आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय व्यवस्था सह प्रमुख श्री अजय धाकरस ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि “युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के राष्ट्रनिर्माता हैं।” उन्होंने कहा, कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्रवान, संवेदनशील और राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है। युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्वों को जीवन में अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती के पूजन-वंदन से हुआ। इस अवसर पर ‘VIVIBHA: Vision for Viksit Bharat, Research Paper Writing Competition, 2024’ पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक विमोचन के दौरान भारतीय शिक्षण मंडल के मध्यभारत प्रांत अध्यक्ष एवं संस्थान के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. एच. बी. गुप्ता ने बताया कि पुस्तक में वर्ष 2024 की राष्ट्रीय शोधपत्र लेखन प्रतियोगिता में प्राप्त लगभग 600 शोधपत्रों में से कठोर एवं बहुस्तरीय समीक्षा के बाद चयनित 51 उत्कृष्ट शोधपत्रों का संकलन प्रकाशित किया गया है। इसके उपरांत उनके द्वारा कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं युवा संवाद कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया गया।
प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने शिक्षा, भविष्य की चुनौतियों और व्यक्तित्व विकास से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका श्री धाकरस ने व्यावहारिक एवं प्रेरक उत्तर देकर मार्गदर्शन किया। छात्रा पूर्ण्या तिवारी ने भी युवा शक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सतत अध्ययन, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन छात्रा शिवानी मेवाड़ा ने तथा आभार प्रदर्शन शिक्षक अरुणेंद्र कुमार त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में संस्थान के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।




