प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई का निधन, रायपुर AIIMS में ली अंतिम सांस

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर स्थित AIIMS में निधन हो गया। वे 70 वर्ष की थीं और पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार चल रही थीं। उनका उपचार AIIMS रायपुर में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से लोककला और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
तीजन बाई ने अपनी दमदार आवाज़ और अनूठी प्रस्तुति शैली से पंडवानी कला को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाई। उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी विशिष्ट ‘कापालिक शैली’ में प्रस्तुत कर इस लोककला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वे इस शैली में मंच पर खड़े होकर प्रस्तुति देने वाली अग्रणी महिला कलाकारों में शामिल थीं।
अपने लंबे सांस्कृतिक जीवन में तीजन बाई को पद्मश्री, पद्मभूषण और वर्ष 2019 में पद्म विभूषण सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री, राज्य सरकार, कलाकारों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे भारतीय लोक संस्कृति की अपूरणीय क्षति बताया। उनके योगदान और कला साधना को आने वाली पीढ़ियां सदैव याद रखेंगी




