मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल पर अभाविप का जोरदार प्रदर्शन, उचित कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

वनरक्षक एवं जेल प्रहरी सहित 4 परीक्षाओं का निरस्त होना दुखद एवं गैर-जिम्मेदाराना, कारणों की हो उच्च स्तरीय जांच एवं दोषियों पर त्वरित वैधानिक एवं कठोर कार्रवाई की मांग : अभाविप
भोपाल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित वनरक्षक, जेल प्रहरी, सहायक जेल अधीक्षक एवं क्षेत्र प्रहरी भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली को सर्वर में आई तकनीकी खराबी के कारण निरस्त किए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद ने इस घटना को विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय बताते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
अभाविप ने कहा कि प्रदेश स्तरीय परीक्षा के इस प्रकार अचानक निरस्त होने से हजारों परीक्षार्थियों को भारी मानसिक पीड़ा, समय की बर्बादी एवं आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। साथ ही विद्यार्थियों के मन में परीक्षा प्रणाली के प्रति गहरा संशय, असंतोष एवं निराशा का भाव उत्पन्न हुआ है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस पूरी घटना पर गहरा रोष व्यक्त करती है।
अभाविप का स्पष्ट मत है कि परीक्षा किसी भी विद्यार्थी के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। अभ्यर्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम कर ऐसी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रदर्शन के दौरान परिषद ने मांग की कि परीक्षा निरस्त होने के मूल कारणों तथा सर्वर की इस गंभीर तकनीकी खामी की जांच के लिए तत्काल उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए। साथ ही इस तकनीकी विफलता एवं अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, तकनीकी एजेंसियों एवं अन्य दोषियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अभाविप ने यह भी मांग की कि आगामी 20 जून को पुनः आयोजित होने वाली परीक्षा में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल एवं राज्य सरकार विशेष सतर्कता बरतें तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, सर्वर फेलियर अथवा तकनीकी विसंगति को रोकने के लिए व्यापक, पारदर्शी एवं पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें।
अभाविप मध्यभारत प्रांत मंत्री श्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि, “अंतिम क्षणों में परीक्षा का रद्द होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। अभाविप सदैव छात्र हितों के संरक्षण के लिए संकल्पित रही है। इस असमंजस और कठिन परिस्थिति में अभाविप प्रत्येक विद्यार्थी के साथ खड़ी है। यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो अभाविप उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।”






