मध्य प्रदेश

नवचयनित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को डीजीपी का मार्गदर्शन,ईमानदारी और सत्यनिष्ठा एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है- डीजीपी  मकवाण

भोपाल, 06 जुलाई -मध्‍यप्रदेश संवर्ग 2025 बैच के 08 परिवीक्षाधीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने आज पुलिस मुख्‍यालय में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा से सौजन्‍य भेंट की। डीजीपी श्री मकवाणा ने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्‍त कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्‍होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरी तन्‍मयता से प्राप्‍त करें ताकि शासन की जनकल्‍याणकारी योजनाओं का उत्‍कृष्‍ट निष्‍पादन कर सकें। उन्होंने कहा कि वे अपने अधीनस्थ अमले से भी सीखने में संकोच न करें।

पुलिस महानिदेशक ने नवचयनित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नए आपराधिक कानून, साइबर सुरक्षा, साइबर फ्रॉड, नारकोटिक्स एवं नशा मुक्ति जैसे विषय प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों को निरंतर सीखते रहने और तकनीक का प्रभावी उपयोग करने की आवश्यकता है।

डीजीपी ने अपने सेवाकाल के अनेक अनुभव साझा किए। उन्होंने मंदसौर की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य, संवाद और सही नेतृत्व से बड़ी से बड़ी भीड़ को भी शांतिपूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने मुरैना में पदस्थापना के दौरान सड़क सुरक्षा अभियान और निष्पक्ष जांच के अनुभव भी साझा किए।

उन्होंने बताया कि डायल-100 से 112 आपातकालीन सेवा में परिवर्तन आसान नहीं था। लगभग छह से सात महीने के अथक प्रयासों, टीमवर्क और समर्पण से इस व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े परिवर्तन के लिए धैर्य और सतत प्रयास आवश्यक हैं। नक्सल चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने वर्ष 2025 में नक्सल समस्या से मुक्ति प्राप्त की। यह सुरक्षा बलों, प्रशासन और जनता के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

डीजीपी ने अधिकारियों को सलाह दी कि किसी भी सूचना पर तुरंत विश्वास करने के बजाय पहले उसका सत्यापन करें और उसके बाद ही निर्णय लें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय हमेशा तथ्यों और निष्पक्षता पर आधारित होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि ईमानदारी (Honesty) और सत्यनिष्ठा (Integrity) एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है। अधिकारियों को भ्रष्टाचार, भौतिकवादी सोच और व्यक्तिगत स्वार्थ से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी भी पद का अहंकार अपने ऊपर हावी न होने दें और प्रत्येक नागरिक की समस्या को स्वयं की समस्या समझकर उसका समाधान करने का प्रयास करें।

डीजीपी ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि सीखने का सर्वोत्तम अवसर होती है। इस दौरान किसी भी विषय पर प्रश्न पूछने में संकोच नहीं करना चाहिए, चाहे वह जूनियर से पूछना हो या सीनियर से। निरंतर सीखने की भावना ही एक सफल अधिकारी की पहचान है।

*साहबगिरी’ नहीं, जनसेवा का भाव रखें*

डीजीपी ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि चयन के बाद कभी भी ‘साहबगिरी’ को अपने सिर पर न चढ़ने दें। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच अपनाने, विनम्र बने रहने और अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ऐसा कैडर है जहां वरिष्ठ अधिकारी सहज उपलब्ध रहते हैं और सीखने का अनुकूल वातावरण मिलता है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को इस प्रतिष्ठित सेवा में चयन पर बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।  

इसी दौरान पुलिस महानिदेशक ने वर्तमान में प्रदेशभर में संचालित “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जागरूकता अभियान तथा आगामी 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और नशा मुक्त समाज के निर्माण में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों को इन अभियानों को जनभागीदारी के माध्यम से प्रभावी बनाते हुए अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाना चाहिए, ताकि समाज को साइबर अपराधों और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से सुरक्षित रखा जा सके।

     इस अवसर पर आर.सी.व्‍ही.पी. नरोन्‍हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की कोर्स एसोसिएट डायरेक्‍टर सुश्री प्रिया शर्मा, पीएसओ टू डीजीपी श्री विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी श्री मलय जैन, प्रशिक्षु आईएएस श्री खोत पुष्पराज नानासाहेब, सुश्री आयुषी बंसल, श्री माधव अग्रवाल, श्री श्लोक वाइकर, सुश्री आशी शर्मा, श्री शैलेंद्र चौधरी, सुश्री शिल्पा चौहान, सुश्री सौम्या मिश्रा उपस्थित रहीं।

Vijay Vishwakarma

Vijay Vishwakarma is a respected journalist based in Bhopal, who reports for Goodluck Media News. He is known for his exceptional reporting skills and extensive knowledge of the region. With a keen eye for detail and a passion for uncovering the truth, he has earned a reputation as a reliable and trustworthy source of news.

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