आरजीपीवी में प्रोफेसर संजीव शर्मा को परीक्षा नियंत्रक बनाया गया पाँच घंटे तक चला अभाविप का प्रदर्शन

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में हाल ही में सामने आए प्रश्नपत्र चोरी प्रकरण के विरोध में आज विश्वविद्यालय परिसर में लगभग पाँच घंटे तक लगातार प्रदर्शन किया गया। परिषद ने इस पूरे मामले में दोषियों के विरुद्ध कठोर, निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा ।
विद्यार्थी परिषद के आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए परीक्षा नियंत्रक को उनके सभी दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया। साथ ही परीक्षा कार्य से जुड़े संबंधित संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) संकाय सदस्य एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विभागीय जांच प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।
अभाविप ने कहा कि प्रश्नपत्र चोरी जैसी घटना केवल आपराधिक मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक जवाबदेही का भी गंभीर विषय है। परिषद ने मांग की कि जिन अधिकारियों की प्रथम दृष्टया प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि पुलिस एवं अन्य सक्षम एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र वातावरण में संपन्न हो सके।
परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिए गए प्रारंभिक निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन की पहली सफलता है। हालांकि अभाविप का स्पष्ट मत है कि केवल दायित्वों से मुक्त करना पर्याप्त नहीं है। इस पूरे प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे विश्वविद्यालय की साख पुनः स्थापित हो और विद्यार्थियों का विश्वास बहाल हो सके।
अभाविप ने कहा कि राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय है, जहाँ लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। ऐसे गंभीर घटनाक्रम प्रदेश की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़े करते हैं। इसलिए इस प्रकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा दोषियों को संरक्षण देना स्वीकार्य नहीं होगा।
अभाविप भोपाल महानगर मंत्री आरती ठाकुर ने कहा, “आरजीपीवी में प्रश्नपत्र चोरी जैसी घटना लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। विद्यार्थी परिषद का यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा नियंत्रक को दायित्वों से मुक्त करना हमारी मांगों की दिशा में पहला कदम है, लेकिन जब तक इस पूरे प्रकरण में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का निलंबन, निष्पक्ष जांच तथा कठोर विभागीय और विधिक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती, तब तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का संघर्ष चरणबद्ध रूप से जारी रहेगा। विद्यार्थी हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं समयबद्ध कार्रवाई तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की गई, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रहित एवं विश्वविद्यालय की गरिमा की रक्षा के लिए आगे भी चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगी।




