मध्य प्रदेश सरकार के फैसले का स्वागत
मध्य प्रदेश सरकार के वित्त मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल द्वारा पेंशनरों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है मध्य प्रदेश के पेंशनरों को जब भी केंद्र सरकार महंगाई भत्ता लागू करती थी तो उसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार से धारा 49 के अंतर्गत स्वीकृत लेना पड़ती थी अब इस बंधन को इस झंझट को खत्म करते हुए वित्त मंत्रालय ने इसकी आवश्यकता को शून्य कर दिया अब जब भी केंद्र सरकार की ओर से महंगाई भत्ता लागू किया जाएगा उसी के अनुरूप मध्य प्रदेश में भी लागू होगा छत्तीसगढ़ सरकार के सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं रहेगी और केंद्र के समान महंगे भट्ट भी पेंशनरों को मिलेगा इस फैसले का स्वागत करते हुए मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जावान संवेदनशील मुख्यमंत्री जी माननीय मोहन यादव जी के इस सरकारी आदेश फैसले का स्वागत किया है संयुक्त मोर्चा के डॉक्टर अशफाक खान राजेश साल्वे अनिल बाविस्कर बृजेश राठौर पेंशन संघ के अत्ताउल्लाह खान ने भी इस फैसले के भूरी भूरी प्रशंसा की है। सरल शब्दों में समझें तो यह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेंशनरों के हित में लिया गया एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय है।
पहले नियमों के अनुसार, दोनों राज्यों के पेंशनरों की महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों (MP और CG) की आपस में सहमति अनिवार्य होती थी, जिससे कई बार प्रक्रिया में देरी हो जाती थी। अब इस व्यवस्था को बदल दिया गया है।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
सहमति की अनिवार्यता खत्म: अब पेंशनरों की महंगाई राहत (DR) बढ़ाने के लिए दूसरे राज्य से मंजूरी या सहमति लेने की जरूरत नहीं होगी। यह नियम पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
सीधे आदेश जारी होंगे: पेंशन राहत में बढ़ोतरी के लिए अब किसी लंबे विधायी संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों राज्य सरकारें सीधे अपनी तरफ से कार्यकारी आदेश (Executive Order) जारी कर सकेंगी, जिससे पेंशनरों को बढ़ा हुआ पैसा जल्दी मिल सकेगा।
केवल सूचना देना काफी होगा: यदि कोई राज्य अपने पेंशनरों की महंगाई राहत बढ़ाता है, तो उसे दूसरे राज्य को केवल एक पत्र भेजकर सूचित करना होगा।
एक सीमा (कंडीशन): कोई भी राज्य केंद्र सरकार द्वारा तय की गई महंगाई राहत की दरों से अधिक दर घोषित नहीं करेगा।
सरल शब्दों में निष्कर्ष:
अब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को महंगाई राहत (DR) की बढ़ोतरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दोनों सरकारें बिना एक-दूसरे की मंजूरी के इंतजार के, सीधे और जल्दी इसका फैसला ले सकेंगी। यह आदेश जारी होने की तारीख से लागू माना जाएगा।



