उच्च शिक्षा विभाग के अजब-गजब कारनामे…
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक जो जुगाड़ से सतपुड़ा भवन में ओएसडी के पद पर अंगद जैसे पांव जमाये बैठे है को जन विश्वास कार्यक्रम में अलग अलग जिले में निरीक्षण उपरांत प्रतिवेदन देने के लिए आदेश जारी किया गया है जो विवादों में घिर गई है क्योंकि इसमें जो सहायक प्राध्यापक है और 5-6 साल की नौकरी भी पूरी नहीं हुई है वे अपने से पदेन वरिष्ठ प्राचार्य, प्रभारी प्राचार्य,प्राध्यापक के अध्यापन, उपस्थिति रजिस्टर, डेली डायरी का लाइव सत्यापन करेंगे और प्रतिवेदन तैयार करेंगे..? यही बात समझ से परे है कि आदेश का नोटशीट बनाने वाले ओएसडी ने ऐसा क्यों किया..?
वैसे तो ओएसडी को कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है फिर भी अपने से वरिष्ठ का प्रतिवेदन कैसे देंगे..? सवाल उठना लाजिमी है..?
अशासकीय महाविद्यालयों को नियम विरुद्ध मान्यता देने वाले ओएसडी अपने गिरेबान में झांके..? वे अन्य कालेज का क्या ख़ाक भौतिक निरीक्षण करेंगे..?


