बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए कुलगुरु प्रो. दीनदयाल बेदिया की पहल तेज

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए कुलगुरु प्रो. दीनदयाल बेदिया की पहल तेज
प्रातःकालीन निरीक्षण में बालिका छात्रावास, अधिकारी आवास परिसर एवं मेजर ध्यानचंद खेल परिसर का किया भ्रमण; सुरक्षा, स्वच्छता और पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दीनदयाल बेदिया द्वारा विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज प्रातः उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न स्थलों का भ्रमण एवं निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कुलगुरु प्रो. बेदिया ने बालिका छात्रावास, अधिकारी आवास परिसर तथा शारीरिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्थित मेजर ध्यानचंद खेल परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा प्रभारी, स्वच्छता कर्मचारियों एवं संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों की पार्किंग को अधिक व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि परिसर में वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थानों पर ही सुनिश्चित की जाए तथा खेल मैदानों एवं अन्य खुले स्थानों को अनावश्यक रूप से वाहनों से मुक्त रखा जाए, ताकि परिसर की सुंदरता, सुरक्षा और उपयोगिता बनी रहे।
विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों से सहयोग का आग्रह
कुलगुरु ने प्रातःकालीन भ्रमण के दौरान विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों, पूर्व एसोसिएशन सदस्यों एवं अन्य गणमान्य नागरिकों से भी विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर डॉ. संतोष कटियार, सीए श्री पीयूष अग्रवाल, श्री मनोज अग्निहोत्री, श्री संजीव दुबे, श्री अरविंद कुमार तथा पुलिस अधिकारी श्री संजय जैन सहित अनेक वरिष्ठ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
चर्चा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित, हरित एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। कुलगुरु ने सभी से विश्वविद्यालय के विकास एवं परिसर की व्यवस्थाओं में सकारात्मक सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षण का केंद्र ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों एवं समाज के बीच सहयोग और सहभागिता का महत्वपूर्ण मंच भी है।
इस पहल को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कुलगुरु ने विश्वविद्यालय में पूर्व विद्यार्थी (एलुमनाई) संबंधी कार्य देख रहे डॉ. कपिल सोनी को भी बुलाकर चर्चा की। उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए परिसर के विकास, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
व्यवस्थित पार्किंग से परिसर में आने वाले नागरिकों को राहत
विश्वविद्यालय परिसर में नियमित रूप से भ्रमण करने वाले अनेक गणमान्य नागरिकों ने कुलगुरु की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि वाहनों की पार्किंग एवं आवाजाही को निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से परिसर में आवागमन अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित हो रहा है। इससे भ्रमण करने वाले वरिष्ठ नागरिकों सहित अन्य लोगों को भी सुविधा मिल रही है।
कुलगुरु प्रो. दीनदयाल बेदिया की इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन, स्वच्छता, सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इन व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाने तथा सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से परिसर को अधिक स्वच्छ, सुंदर और नागरिकों के लिये सुविधाजनक बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।




