डिविज़नल आईटीआई,भोपाल का स्विंग टेक्नोलॉजी ट्रेड आज कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार का एक उत्कृष्ट उदाहरण

सफलता की नई उड़ान – स्विंग टेक्नोलॉजी ट्रेड की प्रेरणादायक कहानी
डिविज़नल आईटीआई, भोपाल का स्विंग टेक्नोलॉजी ट्रेड आज कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। एक समय था जब इस ट्रेड को केवल सिलाई-कढ़ाई तक सीमित समझा जाता था, लेकिन आज बदलते फैशन उद्योग और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। वर्तमान समय में कुशल प्रशिक्षित युवतियों की आवश्यकता इतनी अधिक है कि उद्योगों की मांग के अनुरूप पर्याप्त प्रशिक्षु उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
स्विंग टेक्नोलॉजी ट्रेड की प्रशिक्षण अधिकारी स्मृति श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में पिछले पाँच वर्षों से विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत ऑन-जॉब ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है। विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योगों में प्रशिक्षण हेतु भेजा जाता है। इनमें Trident Group, Sathiya Welfare Society, तथा Khushali Artisan Handicraft Producer Company Limited जैसी संस्थाएँ प्रमुख हैं।
इस सतत प्रयास का परिणाम यह रहा कि ट्रेड के लगभग 70 से 80 प्रतिशत प्रशिक्षार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि लगभग 20 से 25 प्रतिशत प्रशिक्षार्थियों ने स्वरोजगार और उद्यमिता को अपनाकर अपने स्वयं के व्यवसाय स्थापित किए हैं। कई पूर्व प्रशिक्षार्थी आज बुटीक, गारमेंट यूनिट, हस्तशिल्प उत्पादन तथा प्रशिक्षण केंद्रों का सफल संचालन कर रहे हैं और अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि नवाचार, व्यक्तित्व विकास और उद्यमिता कौशल पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। फैब्रिक वेस्ट को पुनः उपयोग में लाकर ज़ीरो-वेस्ट उत्पाद तैयार करना, फैशन शो के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रेड का व्यापक प्रचार-प्रसार करना इस ट्रेड की विशेष उपलब्धियाँ हैं।
आज स्विंग टेक्नोलॉजी ट्रेड केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बन चुका है। यह कहानी उन सभी छात्राओं की सफलता की कहानी है जिन्होंने अपने कौशल, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर अपने सपनों को नई उड़ान दी है और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।










