समग्र आत्मनिर्भरता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री निखिल त्यागी ने कहा

नोएडा। भारत को वर्ष 2047 तक समृद्ध, शक्तिशाली एवं विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से समग्र आत्मनिर्भरता मिशन देशव्यापी स्तर पर व्यापक जन-जागरण अभियान प्रारंभ कर रहा है। इस अभियान के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग—युवा, विद्यार्थी, किसान, महिला, उद्यमी, शिक्षक, खिलाड़ी, वैज्ञानिक, सामाजिक संस्थाएँ, उद्योग जगत तथा आम नागरिक—को “संकल्प साथी” के रूप में जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
समग्र आत्मनिर्भरता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री निखिल त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक व्यापक जनआंदोलन है। यदि देश का प्रत्येक नागरिक अपनी क्षमता, योग्यता और दायित्व के अनुरूप राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प ले, तो भारत को वर्ष 2047 तक विश्व के सबसे समृद्ध, शक्तिशाली और विकसित देशों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज देश के अनेक प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन, शिक्षण संस्थान, उद्योग समूह, खेल संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएँ तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिक समग्र आत्मनिर्भरता मिशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जुड़ रहे हैं। वे “संकल्प साथी” बनकर इस राष्ट्रीय अभियान को गति प्रदान कर रहे हैं। यह अभियान केवल एक संस्था का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की सामूहिक चेतना का अभियान है।
श्री त्यागी ने कहा कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सकारात्मक भूमिका निभाएगा। शिक्षा, खेल, कौशल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार, अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता तथा सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है। इन सभी क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत विश्व मंच पर एक सशक्त और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आया है। आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और शीघ्र ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, संस्कृति, शिक्षा, अनुसंधान तथा रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियाँ विश्व के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं। रक्षा क्षेत्र में भारत न केवल आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है, बल्कि अनेक देशों को आधुनिक रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है।
श्री निखिल त्यागी ने कहा कि “विकसित भारत-2047” का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा जब देश का प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने का संकल्प ले और समाज के लिए प्रेरणा बने, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने बताया कि समग्र आत्मनिर्भरता मिशन आने वाले समय में पूरे देश में “संकल्प साथी अभियान” चलाएगा। इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न राज्यों, जिलों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, उद्योगों, खेल संस्थाओं तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क, संवाद, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ, युवा सम्मेलन, जन-जागरण रैलियाँ और संकल्प समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों को राष्ट्र निर्माण के इस महाअभियान से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे केवल विकसित भारत का सपना देखने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में अनुशासन, स्वावलंबन, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, कौशल विकास और राष्ट्रसेवा को अपनाकर इस संकल्प को व्यवहार में उतारें।
समग्र आत्मनिर्भरता मिशन का उद्देश्य भारत के प्रत्येक नागरिक में यह भावना जागृत करना है कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक राष्ट्रीय उत्तरदायित्व है। प्रत्येक नागरिक यदि “संकल्प साथी” बनकर राष्ट्रहित में अपना योगदान देगा, तो वर्ष 2047 तक समृद्ध, शक्तिशाली, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा।
अंत में श्री निखिल त्यागी ने सभी सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत, युवा संगठनों, महिला समूहों, खेल संगठनों तथा देशवासियों से इस राष्ट्रीय महाअभियान में सहभागी बनने और “संकल्प साथी” के रूप में जुड़कर विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।






