कृषक कल्याण वर्ष 2026 में सभी योजनाओं को निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति करें, संभागायुक्त संजीव सिंह

कलेक्टर – कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के किसान कल्याण तथा कृषि विभाग के बिन्दुओं पर जिला कलेक्टरों से विस्तृत चर्चा की
संभागायुक्त श्री संजीव सिंह की अध्यक्षता में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स – मुख्य कार्यपालन अधिकारी की उपस्थिति में कलेक्टर – कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के कृषि एवं कृषि आधारित कार्यवाही बिन्दुओं एवं कृषक कल्याण वर्ष 2026 में जिलों में कृषि एवं एलाइड विभागों की योजनाओं लक्ष्य एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में भोपाल कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह, राजगढ़ कलेक्टर श्री गिरीश कुमार मिश्रा, विदिशा कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, सीहोर कलेक्टर श्री बालागुरू के., रायसेन श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा एवं सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
संभागायुक्त् श्री संजीव सिंह ने सभी कलेक्टर को निर्देशित किया कि सभी जिलों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की पैदावार को मार्केट उपलब्ध कराने के लिए बाजार एवं स्थान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में शासन की बैंक लिंकेज, डीबीटी योजनाओं में शत- प्रतिशत लक्ष्य सुनिश्चित किया जाए। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केन्द्र एवं राज्य द्वारा संचालित कृषि, तिलहन, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत स्प्रिंकलर एवं ड्रीप सिस्टम, किसान क्रेडिट कार्ड, कस्टम हायरिंग सेंटर,अभियान एवं योजनाओं के लक्ष्य एवं पूर्ति शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। सभी जिलों में मृदा परीक्षण, बीजों के प्रमाणीकर की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में प्रस्तावित गतिविधियों के क्रियान्वयन में विभागीय योजनाओं की निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा बैठक में प्रभारी संयुक्त संचालक कृषि भोपाल श्रीमती सुमन प्रसाद ने बताया कि कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रमों में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र पशुपालन, मत्स्य, मण्डी एवं सांची दुग्ध संघ के साथ अशासकीय संगठनों की भागीदारी को बढ़ाना, कृषि विज्ञान केन्द्र भोपाल एवं कृषि अनुसंधान केन्द्रों की मदद से समन्वित कृषि पद्धत्ति, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन जैसे सहायक व्यवसायों, प्राकृतिक खेती, सामुहिक प्रयास एवं उनकी क्षमता विकसित करना, महिला कृषक समूहों को संगठित कर कृषि के क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाना एवं किसान, कृषि वैज्ञानिक एवं विस्तार के साथ सपोर्ट सिस्टम, उद्यानिकी विभाग की योजना के माध्यम से विस्तृत कार्य योजना तैयार कर किसानों का चहुँमुखी विकास सुनिश्चित करना है।
संयुक्त संचालक कृषि ने बताया कि संभाग के सभी जिलों में प्राकृतिक खेती कृषि सखी बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर शीघ्र स्थापित किए जा रहे है। संभाग में 100 क्लस्टर में 200 सीआरपी के अंतर्गत 12 हजार 500 कृषकों का चिन्हांकन कर पोर्टल पर प्रविष्टियां दर्ज कराई गई है। जिसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने एवं महिलाओं को कृषि से जोड़ना है।
संभागायुक्त श्री सिंह ने आगामी सीजन में नरवाई प्रबंधन एवं ई-टोकन, ई-विकास प्रणाली के माध्यम से सभी जिलों में खाद्य वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टर किसानों को उर्वरक में होने वाली समस्याओें जैसे लंबी कतारें, समय की बचत, काला बाजारी, अनियमित वितरण को समाप्त कर किसानों को पंजीयन के माध्यम से आसानी से उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित हो। आगामी सीजन में संभाग के सभी जिलों में ई-टोकन के माध्यम से ही उर्वरक वितरण किया जाए।
संभागायुक्त श्री सिंह ने नरवाई प्रबंधन की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभाग के सभी जिलों में पराली न जले इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जायें इसके लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को मिलाकर क्लस्टर बनाने एवं क्लस्टर स्तर पर अभियान कृषि अभियांत्रिकी यंत्रों (सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, बैलर, स्ट्रारीप आदि) यंत्रों को उपलब्ध कराना एवं उनका उपयोग किसानों के द्वारा हो इसकी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में अधिक पराली जलाने की घटनाएं होती हैं उन क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाकर किसानों को कृषि अभियांत्रिकी यंत्रों के उपयोग के लिए जागरूक करे। प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लिए किसानों को करे प्रोत्साहित – श्री सिंह
CM Madhya Pradesh
Department of Agriculture, Madhya Pradesh
Department of Animal Husbandry, Madhya Pradesh
Department of Fisheries, Madhya Pradesh
Department of Horticulture, Madhya Pradesh
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