विश्व के निर्माता श्रमिकों ,मजदूरों को शिल्पी कहा जाए

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस की बधाई देते हुए कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है कि मजदूरों को, श्रमिकों को, जो कि शिल्पकार होते हैं उन्हें आज से शिल्पी कहा जाए, मजदूर वर्ग पूरे विश्व के निर्माता है छोटे से छोटे से लेकर बड़े से बड़ा कार्य करते हैं इनकी अमूल्य योगदान को पूरा विश्व भूल नहीं सकता 1 में को मजदूर दिवस के स्थान पर पूरे विश्व में शिल्पकार दिवस के रूप में मनाना चाहिए। श्री दीक्षित ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार मजदूर दिवस पर विगत विगत 10 वर्षों से अंशकालीन कर्मचारी के न्यायालय से आदेश होने की बावजूद भी न्यूनतम नियमित वेतनमान देने के आदेश जारी नहीं हुए, वहीं दूसरी ओर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा रहा है, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि, एरियर्स का भुगतान, पीएफ सुविधा ,कैशलेस बीमा सुविधा लाभ भी श्रमिकों /कर्मचारियों को राज्य सरकार द्वारा नहीं दिया जा रहा है जबकि उक्त लाभों का आदेश न्यायालय एवं शासन का श्रम विभाग पूर्व में ही जारी कर चुका है लेकिन उच्च पद पर बैठे अफ्सरण ध्यान नहीं दे रहे तथा श्रमिकों /मजदूर/ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी अंशकालीन कर्मचारी के अधिकारों का हनन कर रहे हैं एवं मजदूर विरोधी नीतियां लागू करके मजदूर श्रमिकों एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं इस कारण प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में राज्य सरकार एवं नौकरशाही के विरुद्ध आक्रोश व्याप्त हो रहा है । संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष अशफाक खान, संयोजक धर्मेंद्र चौक से, अनिल बाविस्कर, राजेश साल्वे ,बृजेश राठौर ने कहा की 1 में मजदूर दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है सरकार और कर्मचारियों के बीच आपसी सहयोग , तालमेलऔर एक दूसरे के प्रति सम्मान ,एक दूसरे के हितों का ध्यान रखना है ,ना की सरकार और श्रमिकों में मजदूरों में एक दूसरे के प्रति रोष होना चाहिए ।राज्य सरकार एवं प्रदेश के लाखों श्रमिक एक दूसरे के पूरक है जिसके कारण प्रदेश की प्रगति होना स्वाभाविक है, मजदूर/ श्रमिक, राज्य सरकार समाज हित में देश हित में कार्य कर निश्चित ही हमारे राष्ट्र गौरव को आगे बढ़ाएगी और हमारे भारत माता का नाम अमर रहेगा श्रमिक एकता जिंदाबाद मजदूर मजदूर भाई-भाई लेकर रहेंगे पाई पाई त्याग, तपस्या और बलिदान यह है श्रमिकों मजदूरों का अभिमान, जय हिंद जय भारत


