अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय,मे आज 76 वा भारतीय संविधान..

अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय में आज संविधान दिवस के उपलक्ष्य में “भारतीय संविधान और नागरिक कर्तव्य” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय समुदाय में संवैधानिक मूल्यों तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथिगणों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. गिरधर उपवंशी, अधिवक्ता, जिला न्यायालय भोपाल ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए उन्होंने भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास, उसकी मूल संरचना, नागरिक कर्तव्यों के महत्व तथा कानून के शासन की अवधारणा पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री प्रमोद सक्सेना, अधिवक्ता, जिला न्यायालय भोपाल उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के व्यवहारिक अनुप्रयोग एवं न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।संविधान के विकास, मौलिक अधिकारों–कर्तव्यों और न्याय–स्वतंत्रता–समानता–बंधुत्व के सिद्धांतों पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु डॉ. देव हिंडोलिया ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अधिकारों और कर्तव्यों का संतुलित स्वरूप प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों को जीवन में उतारने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कुलसचिव श्री शैलेन्द्र जैन ने कहा कि नागरिक कर्तव्यों का पालन ही सुशासित और समृद्ध राष्ट्र की नींव है। अंत में उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. कुसुम दीक्षित चौहान, प्रभारी – विधि विभाग, ने किया।
संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन NSS समन्वयक सौरभ खरे के द्वारा किया





