बरकतुल्ला विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 23 से 26 मार्च, 2026 तक चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया

बरकतुल्ला विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 23 से 26 मार्च, 2026 तक चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम PM UShA के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस कार्यशाला में प्रौद्योगिकी के मौलिक और व्यावहारिक, दोनों पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई—विशेष रूप से जीव विज्ञान और कवक विज्ञान के क्षेत्रों में—साथ ही सूक्ष्मजीवों के रासायनिक और आणविक लक्षणों के बारे में भी बताया गया।
इस कार्यशाला के प्रतिभागी विभिन्न संस्थानों PM एक्सीलेंस हमीदिया कॉलेज, SAM गर्ल्स कॉलेज, संत हिरदाराम कॉलेज, राजीव गांधी कॉलेज, सत्य साई कॉलेज, उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान और जागरण लेकसिटी विश्वविद्यालय से आए स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थी शामिल थे ।


आठ अलग-अलग संस्थानों से आए विषय विशेषज्ञ वक्ताओं ने—जिनमें डॉ. प्रशांत शर्मा (अंबिकापुर, छ.ग.) जिन्होंने मशरूम के उत्पादन, संरक्षण और उससे जुडी सरकारी परियोजनाओं की जानकारी दी ; प्रो. अखिलेश पांडे (पूर्व कुलपति, उज्जैन विश्वविद्यालय), जिन्होंने भारतीय ज्ञान परमरा एवं mycology के बारे में विस्तार से जानकारी दी; डॉ. राम कुमार नेमा (वैज्ञानिक, ICMR, भोपाल), जिन्होंने पीसीआर के प्रकार, उपयोगिता एवं प्रयोग के बारे में अवगत कराया ;प्रो. संजय सहाय (नूतन गर्ल्स कॉलेज), प्रो. अमिता गुप्ता (मानसरोवर डेंटल कॉलेज, भोपाल), प्रो. सबा हुसैन (पीपुल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल) शामिल थे—जिन्होंने कार्यशाला के दौरान अपने-अपने विशेषज्ञता के क्षेत्रों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं।
व्यावहारिक सत्रों के दौरान, प्रतिभागियों ने नमूनों के पृथक्करण, शुद्धिकरण, पहचान और लक्षणों के निर्धारण (जैव-रासायनिक और रूपात्मक, दोनों तरह से) से जुड़े प्रायोगिक अभ्यास किए।
कार्यशाला के समापन समारोह में कुलगुरु प्रो. एस. के. जैन, प्रो. विवेक शर्मा, प्रो. रागिनी गोथलवाल, प्रो. विपिन व्यास की उपस्थिति में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।



