आखरी वेतन से नहीं पूरी नौकरी की औसत वेतन से होगी गणना

*कर्मचारी महासंघ प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने केंद्र सरकार से एवं राज्य सरकार से मांग की है कि देश के करीब 8 करोड़ इपीएफ अंशधार को और 81 लाख पेंशनर्स के लिए नई कर्मचारी पेंशन व्यवस्था बड़ा बदलाव लेकर आ रही है कर्मचारी पेंशन योजना 1995 की जगह नई कर्मचारी पेंशन योजना 2026 लागू की जा रही है इसमें हम सुधार की मांग करते हैं इसका सबसे बड़ा असर न्यूनतम मिशन पेंशन पर पड़ सकता है अभी कई कर्मचारियों को करीब₹5000 तक पेंशन मिल जाती है लेकिन नए प्रोरेट फार्मूले के बाद यह घटकर करीब ₹2000 रह सकती हैं नई व्यवस्था में पेंशन रिटायरमेंट से पहले भी आखरी सैलरी के आधार पर नहीं बल्कि पूरी नौकरी की औसत वेतन आधार पर होगी इससे उन सभी कर्मचारियों, अधिकारियों का ज्यादा नुकसान होगा जिनकी शुरुआती नौकरी कम वेतन पर शुरू हुई और बाद में प्रमोशन या वेतन वृद्धि हुई नई स्कीम को केंद्रीय न्यासी बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है अब गजट नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है इसके साथ ही हायर पेंशन का भी विकल्प खत्म कर दिया गया है संयुक्त मोर्चा के अशफाक खान ,धर्मेंद्र चौकसे ,राजेश साल्वे, अनिल बाविस्कर, बृजेश राठौर,राजेश पाटील ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अलग व्यवस्था है सुप्रीम कोर्ट ने 4 नवंबर 2022 को कहा था की पेंशन की गणना अंतिम 60 महीने की औसत वेतन से हो 18 जनवरी 2025 के ईपीएफओ आदेश में प्रोरेट से गणना के निर्देश दिए गए हैं मदुरई और शिमला हाई कोर्ट इस आदेश पर सवाल उठा चुके हैं संयुक्त मोर्चा के संतोष दलाल, कैलाश निगम, श्रीकांत गंगारा दे बताया कि 16 नवंबर 1995 से मैं 2001 तक औसत वेतन 1 सितंबर 2014 से रिटायरमेंट तक का औसत वेतन इन तीनों का संयुक्त औसत से ही पेंशन योग्य वेतन मान जाएगा नई व्यवस्था में पूरी नौकरी अवधि का औसत वेतन निकल कर पेंशन तय होगी शुरुआती कम सैलरी भी इसमें जुड़ेगी जिससे औसत वेतन भर सकता है किसी भी कर्मचारी ने शुरुआती 15 साल 6000 वेतन पर नौकरी की प्रमोशन के बाद 50 से 60000 पर पहुंच गया तब भी संयुक्त औसत कम रहेगा पुरानी व्यवस्था में अंतिम वर्षों की ज्यादा सैलरी से अधिक वेतन पेंशन बांटी थी लेकिन आजनकरीब ₹5000 तक की पेंशन लगभग ₹2000 रह जाएगी जिससे करोड़ कर्मचारियों का नुकसान होगा इसमें सुधार की गुंजाइश है हमें अंतिम वेतन का आधा वेतन पेंशन के रूप में महंगाई भत्ते सहित चाहिए




