अपराधमध्य प्रदेश

जाति प्रमाणपत्र से संबंधित शिकायत पर सतर्कता शाखा की कार्रवाई
निवृतमान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध, विवेचना प्रारंभ



भोपाल, 18 सितम्बर 2026। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी के रूप में प्रस्तुत होकर आरक्षित वर्ग का लाभ प्राप्त करने तथा जाति प्रमाणपत्र से संबंधित शिकायत पर पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा द्वारा कार्रवाई की गई है। शिकायत की जांच एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर थाना सतर्कता, पुलिस मुख्यालय, भोपाल में संबंधित निवृतमान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई है। यह प्रकरण आवेदक श्री हरवीर सिंह रघुवंशी, निवासी राघौगढ़, जिला गुना द्वारा प्रस्तुत शिकायत के आधार पर पंजीबद्ध किया गया है।
*उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा जाति प्रमाणपत्र की जांच*
प्रकरण से संबंधित जाति प्रमाणपत्र की जांच मध्यप्रदेश शासन की “अनुसूचित जनजाति संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति”, भोपाल द्वारा की गई थी। समिति द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों की जांच के उपरांत क्षेत्र संयोजक, आदिम जाति कल्याण, विदिशा द्वारा वर्ष 1984 में जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है।
समिति की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित अधिकारी के पक्ष में वर्ष 1984 में विदिशा जिले से अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाणपत्र जारी किया गया था। उपलब्ध अभिलेखों में संबंधित अधिकारी के मूल निवासी होने से जुड़े तथ्यों को लेकर भी जांच में प्रश्न सामने आए हैं।
विवेचना के दौरान उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर यह भी सामने आया है कि पुलिस सेवा में नियुक्ति से पूर्व संबंधित अधिकारी द्वारा मध्यप्रदेश में शासकीय शिक्षक के रूप में सेवा के दौरान स्वयं को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थी के रूप में प्रस्तुत किया गया था।इसके बाद मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा के माध्यम से उप पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्ति तथा शासकीय सेवा में पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभ प्राप्त किया।
उच्च स्तरीय छानबीन समिति की जांच में जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया से संबंधित तत्कालीन अभिलेखों एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका के संबंध में भी तथ्य सामने आए हैं। प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में नियमों एवं उपलब्ध अभिलेखों के अनुरूप कार्यवाही हुई थी अथवा नहीं, इस संबंध में भी पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही है।
उपलब्ध तथ्यों एवं जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर थाना सतर्कता, पुलिस मुख्यालय, भोपाल में 18 सितंबर 2026 को भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी, 167 एवं 420 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(q) के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों एवं अन्य के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
प्रकरण में दस्तावेजों, संबंधित व्यक्तियों के बयानों तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की जा रही है। विवेचना में प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Vijay Vishwakarma

Vijay Vishwakarma is a respected journalist based in Bhopal, who reports for Goodluck Media News. He is known for his exceptional reporting skills and extensive knowledge of the region. With a keen eye for detail and a passion for uncovering the truth, he has earned a reputation as a reliable and trustworthy source of news.

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