जैन साध्वियों को कुचलना मानसिक विभस्तता और सोच का प्रतीक

जैन समाज की साध्वियों को संकुचित विचार वाले ड्राइवर द्वारा कांड करना यह घटना अत्यंत निंदनीय और अमानवीय है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि
*संत समाज का अपमान असहनीय है जैन साध्वी जी त्याग, तपस्या और अहिंसा की प्रतिमूर्ति होती हैं। उन पर जानबूझकर वाहन चढ़ाना न सिर्फ कानून का, बल्कि मानवता और भारतीय संस्कृति का भी सीधा अपमान है।
यह सिर्फ दुर्घटना नहीं, मानसिकता का अपराध है यदि यह कृत्य जानबूझकर किया गया है तो यह समाज में बढ़ती असहिष्णुता और संतों के प्रति घटते सम्मान का खतरनाक संकेत है। कठोर कार्रवाई जरूरी, दोषी पर हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज हो और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। राजपूत समाज के संभागीय अध्यक्ष ठाकुर संजय सिंह गहलोत संभागीय उपाध्यक्ष ठाकुर अरविंद सिंह ठाकुर देवेंद्र सिंह ने कहा कि
अहिंसा के देश में अहिंसा के प्रतीकों पर हिंसा किसी भी सभ्य समाज को मंजूर नहीं हो सकती। प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेकर पीड़िता को न्याय और सुरक्षा दोनों देनी चाहिए।



