मध्य प्रदेश

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के मध्य अनुबंध (MoU)*


भारतीय ज्ञान परंपरा और बहुविषयक शोध को मिलेगा नया विस्तार*
बीयू का शोध केंद्र बनेगा दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान

भोपाल, 22 जनवरी 2026-बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल और दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान (DTSS), भोपाल के मध्य अकादमिक एवं शोध सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता समाज विज्ञान, मानविकी, विधि, प्रबंधन तथा भारतीय ज्ञान परंपरा सहित विभिन्न विषयों में संयुक्त शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस MoU का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, शोध सुविधाओं एवं विशेषज्ञता का पारस्परिक उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाले समाजोपयोगी और नीति-आधारित अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।
यह समझौता दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार मिश्र तथा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री समर बहादुर सिंह द्वारा विधिवत रूप से गुरुवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस. के. जैन ने कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय और शोध संस्थान के बीच केवल औपचारिक सहयोग नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा को समकालीन अकादमिक विमर्श से जोड़ने की एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से शोधार्थियों एवं शिक्षकों को नवाचारपूर्ण, मूल्यपरक और समाज-केंद्रित अनुसंधान के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा विश्वविद्यालय की शोध-संस्कृति और अधिक सुदृढ़ होगी।
प्रो. जैन ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान भारत सरकार के आसीएसएसआर से संबद्ध यह संस्थान मध्य प्रदेश के साथ साथ पूरे देश में अपनी उत्कृष्ट पहचान रखता है। ऐसे में यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप समग्र, बहुविषयक, नवाचारी एवं भारतीय दृष्टि से प्रेरित शोध वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एमओयू के अंतर्गत समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, भूगोल, मनोविज्ञान, राजनीति विज्ञान, विधि, प्रबंधन, साहित्य, हिंदी एवं संस्कृत अध्ययन तथा भारतीय ज्ञान प्रणालियों सहित समाज विज्ञान एवं मानविकी के समस्त विषयों में संयुक्त शोध परियोजनाएँ संचालित की जाएँगी। इसके साथ ही फैकल्टी एवं शोधार्थी आदान-प्रदान, संयुक्त सेमिनार, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ, शोध-पद्धति एवं क्षमता-विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अनुबंध के अंतर्गत दोनों संस्थानों के पुस्तकालय, अभिलेखागार एवं शोध संसाधनों का पारस्परिक उपयोग शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। आवश्यकता अनुसार पीएच.डी. शोधार्थियों को संयुक्त मार्गदर्शन (Joint Supervision) की सुविधा भी प्रदान की जाएगी तथा दोनों संस्थान मिलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के संयुक्त शोध प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। इस सहयोग के माध्यम से दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा शोध केंद्र के रूप में मान्यता दिए जाने की दिशा में भी पहल की जाएगी, जिससे शोधार्थियों को अकादमिक रूप से और अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर के अवसर पर दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार मिश्र ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य शोध को केवल अकादमिक सीमाओं तक सीमित न रखकर उसे राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सरोकारों और नीति-निर्माण से जोड़ना है। दोनों संस्थानों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता भारतीय ज्ञान परंपरा को समकालीन शोध और सामाजिक आवश्यकताओं से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण, नीति-निर्माण और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की दिशा में सार्थक योगदान देगा।
इस अवसर पर दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान की सह-सचिव प्रो. अल्पना त्रिवेदी, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. रूचि घोष दस्तीदार, क्षेत्रीय नियोजन एवं आर्थिक विकास की विभागाध्यक्ष डॉ. रूपाली शेवलकर  डॉ. प्रभाकर पाण्डेय एवं डॉ. अर्चना सेन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि यह अकादमिक साझेदारी प्रदेश एवं देश के उच्च शिक्षा और शोध परिदृश्य में एक स्थायी, प्रभावी और उदाहरणीय मॉडल के रूप में स्थापित होगी।

Vijay Vishwakarma

Vijay Vishwakarma is a respected journalist based in Bhopal, who reports for Goodluck Media News. He is known for his exceptional reporting skills and extensive knowledge of the region. With a keen eye for detail and a passion for uncovering the truth, he has earned a reputation as a reliable and trustworthy source of news.

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