विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला आयोजित

शासकीय नवीन महाविद्यालय, बोरी, जिला-दुर्ग (छत्तीसगढ़) में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर “Together for Health, Stand with Science” (स्वास्थ्य के लिए एक साथ आएँ, विज्ञान के साथ खड़े रहें) थीम पर आधारित मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन दिनांक 8 अक्टूबर 2026 को महाविद्यालय सभागृह में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. (श्रीमति) कमर तलत के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम के प्रभारी समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अमरनाथ शर्मा रहे। कार्यशाला में मुख्य व्याख्यान अतिथि के रूप में डॉ. आभा शशि कुमार, करियर एवं पेरेंटिंग कोच तथा पुलिस काउंसलर, श्रीमति साधना मौर्य, मनोवैज्ञानिक, मेजर पूनम चांदनी तथा बोरी थाना के प्रधान आरक्षक एवं आरक्षकों ने सहभागिता की। विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक सोच तथा मानसिक समस्याओं के प्रति जागरूकता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं समय पर परामर्श की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बोरी थाना के प्रधान आरक्षक एवं आरक्षकों द्वारा छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा एवं साइबर ठगी से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल एवं संदेश, संदिग्ध लिंक, OTP, बैंकिंग संबंधी जानकारी तथा सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से होने वाले संभावित साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया गया। विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्क एवं जागरूक रहने की अपील की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव के संबंध में शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन अतिथि सहायक प्राध्यापक अर्थशास्त्र डॉ. भारती साहू द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथि सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र श्री ओम प्रकाश कौशिक ने उपस्थित अतिथियों, प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल जागरूकता के प्रति सजगता उत्पन्न करना तथा उन्हें मानसिक एवं डिजिटल चुनौतियों का वैज्ञानिक, सकारात्मक एवं सुरक्षित तरीके से सामना करने के लिए प्रेरित करना रहा।




