कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग और बायोइन्फॉर्मेटिक्स पर आधारित सात दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग और बायोइन्फॉर्मेटिक्स पर आधारित सात दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न संस्थानों से आए विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। कार्यशाला में एआई एवं मशीन लर्निंग की मूल अवधारणाओं, प्रोटीओमिक्स, जीनोमिक्स, मेटाबोलोमिक्स, कोडॉन ऑप्टिमाइज़ेशन, वैक्सीन तकनीक, आणविक मार्कर, ड्रग डिज़ाइन, कैंसर निदान, मल्टी-ओमिक्स डेटा विश्लेषण तथा न्यूरल नेटवर्क आधारित बायोइन्फॉर्मेटिक्स टूल्स जैसे विषयों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने आधुनिक जीवन विज्ञान, स्वास्थ्य देखभाल और प्रिसीजन मेडिसिन में संगणकीय तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर विशेष बल दिया।

समापन सत्र में आयोजकों ने सभी संसाधन व्यक्तियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसे वैज्ञानिक आयोजनों की निरंतरता पर जोर दिया।
समापन सत्र में डॉ. किशोर शेंडे ने सात दिवसीय कार्यशाला का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यशाला की संयोजक प्रो. रागिनी गोथलवाल ने विभिन्न संस्थानों के सहयोग, प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी तथा सभी संसाधन व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। रजिस्ट्रार महोदय *प्रो. एस. बी. सिंह ने प्रतिभागियों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। अंत में कुलपति प्रो. एस.के. जैन ने प्रायिकता सिद्धांत, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वर्तमान परिदृश्य में महत्व पर बल देते हुए अपने विचार साझा किए। कार्यशाला का समापन एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ, जिसमें जीवन विज्ञान, स्वास्थ्य देखभाल और प्रिसीजन मेडिसिन के भविष्य को आकार देने में एआई और बायोइन्फॉर्मेटिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया।



