मुख्यमंत्री जी का आभार नेशनल मूवमेंट का संघर्ष रंग लाया

मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय मोहन यादव जी द्वारा मध्य प्रदेश में पहली बार एनपीएस कर्मचारियों के परिजनों को फैमिली पेंशन तथा तलाकशुदा बेटी को भी पेंशन का लाभ मिलेगा उसके लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का बहुत-बहुत आभार ,अभिनंदन, धन्यवाद उपरोक्त जानकारी देते हुए नेशनल मूवमेंट ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम के प्रांतीय संयोजक ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंधु जी के कुशल नेतृत्व में, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद डेहरिया ,प्रांतीय संयोजक ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित के लगातार प्रदेश में संघर्ष और पारिवारिक पेंशन की मांग विगत वर्षों से की जा रही थी स्मरण रहेगी पारिवारिक पेंशन योजना केंद्र द्वारा 30 मार्च 2021 को लागू की गई थी अन्य राज्य में भी इसको लागू किया गया था लेकिन मध्य प्रदेश में गजट नोटिफिकेशन होने के बावजूद भी लागू नहीं किया गया था जिसके लिए लगातार नेशनल मूवमेंट ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम के पदाधिकारी संघर्ष कर रहे थे और हमने विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा सचिव, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन कोई इस बारे में लगातार ज्ञापन दिया ,पत्राचार किया जिसके फल स्वरुप प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री जी ने 8 लाख कर्मचारियों के हित में पारिवारिक पेंशन का फैसला लेकर कर्मचारियों की पीड़ा को समझा है जाना है और इस हेतु आदेश जारी कर दिए गए विडिट हो कि नेशनल मूवमेंट ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम भोपाल द्वारा अंबेडकर पार्क पर जनवरी 2, 3, 4 को आमरन अनशन किया गया था वरिष्ठता एवं पारिवारिक पेंशन के लिए और इसके लिए प्रदेश के 30 से 35 प्रदेश अध्यक्षों ने मिलकर नेशनल मूवमेंट ऑफ ऑल पेंशन स्कीम के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन दिया माननीय मुख्यमंत्री जी ने भी समझा और पारिवारिक पेंशन के लिए आदेश जारी कर दिए गए बहुत शानदार फैसला किया जिसके लिए हम माननीय मुख्यमंत्री जी का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करते हैं अभिनंदन करते हैं और 14 फरवरी को माननीय मुख्यमंत्री जी का बुरहानपुर दौरा है, संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष अशफाक खान,धर्मेंद्र चौकसे, अनिल बाविस्कर, विजय राठौड़, प्रमिला सगरे सभी पदाधिकारी द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद व्यापित करेगा शाल श्रीफल से सम्मान करेगा और निवेदन करेगा वरिष्ठता बहाल की जाए, केंद्र के समान महंगाई भत्ता लागू करने की मांग करेगा इस हेतु प्रशासन से अनुमति लेकर चर्चा की जावेगी*





