सतपुड़ा भवन में पदस्थ ओएसडी अनिल राजपूत का हुआ ट्रांसफर

सतपुड़ा भवन में पदस्थ ओएसडी डॉ अनिल राजपूत का हुआ ट्रांसफर वही प्राप्त जानकारी के अनुसार,
अतिथि विद्वानों के मामले अनावश्यक विवाद बार-बार सुनने में आ रहे थे शासन के द्वारा ओएसडी (अतिथि विद्वान प्रभारी ) का किया ट्रान्सफर.
ओएसडी,अतिथि विद्वान प्रभारी के मनमाना आचरण और संवैधानिक दायित्व से परे जाकर किये जा रहे काम के कारण अतिथि विद्वानों के मामले में पिछले 2 -3 साल से अनावश्यक विवाद बढ़ रहा था साथ ही अप्रैल में उक्त महाशय के कारण माननीय न्यायालय में अपर मुख्य सचिव और आयुक्त को जबाब देना पड़ा था..
उक्त महाशय अनुदान प्राप्त असाशकीय महाविद्यालय में नौकरी किये है । लेकिन जबरिया शासकीय कार्यालय को प्रायवेट कालेज जैसे अपने मनमर्जी से चलाना चाहते थे जो सूत्रों से प्राप्त जानकारी मिल रही है
एक़ महिला अतिथि विद्वान का री लोकेशन लिस्ट में नाम नहीं था फिर भी फालन आऊट करके कार्यग्रहण कराने एवं अन्य शिकायत को संज्ञान में लेते हुए विभाग ने ओएसडी (अतिथि विद्वान प्रभारी ) का ट्रान्सफर… भोपाल के मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय में स्थानीय व्यवस्था के तहत किया गया है
. वैसे तो भोपाल संभाग से बाहर होना चाहिए था।
लोग कहते है कि पहले से उक्त ने प्लान बना कर वेतन व्यवस्था मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय भोपाल में करा ली था जिससे हटाया भी जाऊं तो भोपाल में बना रहू..?
खैर अब देखना है कि उनके अध्यापन का सीधा लाभ मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय (MVM) भोपाल के कितने छात्र छात्राओं को मिलेगा।
आजकल अध्यापन कक्षाओं में कैमरे लगाए गए हैं जिससे उनके पढ़ाने के विशेष ज्ञान का विडियो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो सकेगा.
उनके द्वारा शोध केंद्र चन्द्र शेखर आजाद शासकीय महाविद्यालय सीहोर में कराए जा रहे पीएचडी का भी जांच लोकपाल द्वारा किया जा रहा है जो जानकारी प्राप्त हो रही है सूत्रों से
क्योंकि शोध केंद्र पर ना उपस्थिति रजिस्टर है और ना ही शोध निर्देशक। जो हमें सूत्र बता रहे हैं बाकी उच्च शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की जांच का विषय है




