जनजातीय समुदाय के महान नायक और स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा माने जाने वाले बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ आज

आज देशभर में धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। जनजातीय समुदाय के महान नायक और स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा माने जाने वाले बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। राजधानी समेत देश के कई शहरों में आज सुबह से ही श्रद्धांजलि सभाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनजातीय विरासत को प्रदर्शित करने वाले आयोजनों की शुरुआत हुई।
बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन और जमींदारी अत्याचार के खिलाफ उलगुलान आंदोलन चलाकर आदिवासी समुदाय को नई दिशा दी। उन्होंने सिर्फ 25 वर्ष की उम्र में जनजातीय अधिकारों के लिए संघर्ष की ऐसी लौ जलाई, जिसकी गूंज आज भी सुनाई देती है। उनके योगदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और नेता सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां छात्रों को बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और बलिदान के बारे में बताया जा रहा है। आदिवासी कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आज विशेष प्रदर्शनी और मेलों का आयोजन भी पूरे दिन जारी रहेगा। देशभर में आज का दिन जनजातीय गौरव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को समर्पित है।


