सामाजिक समानता के शिल्पकार डॉ.भीमराव अंबेडकर की आत्मा का वास भारतीय संविधान मे, कुशवाहा

भोपाल, भारतीय संविधान के रचयिता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का समग्र जीवन दर्शन उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व संपूर्ण मानव समाज के कल्याण के लिए समर्पित रहा है। डॉ. अंबेडकर सच्चे मायने में सामाजिक समानता के शिल्पकार थे। यह बात समग्र पिछड़ा वर्ग सामाजिक संगठन मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राम विश्वास कुशवाहा ने बाबा साहेब की पुण्यतिथि के अवसर पर 6 दिसंबर 2025 को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर स्थापित बाबा साहेब की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कही ।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर अंबेडकर का संपूर्ण जीवन समानता का अधिकार, दलितों, गरीबों एवं बेसहारा लोगों को न्याय दिलाने के लिए समर्पित रहा है।
श्री कुशवाहा ने कहा कि भारतीय संविधान में बाबा साहेब की आत्मा का वास है, भारतीय संविधान में बाबा साहेब द्वारा सभी संवर्ग के कल्याण के लिए तथ्यात्मक पहलुओं का समावेश किया गया है । श्री कुशवाहा ने बताया कि समग्र पिछड़ा वर्ग सामाजिक संगठन मध्य प्रदेश के पदाधिकारी साथियों के जन्म दिवसों वैवाहिक कार्यक्रम एवं अन्य प्रकार के आयोजन में उपहार में कोई वस्तु नहीं बल्कि *भारत का संविधान* पुस्तक के प्रति भेंट करेंगे । इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी श्री के पी कुर्मवंशी, सत्यनारायण सिंह, रामकिशोर कुशवाहा ,भास्कर प्रसाद वर्मा, महेंद्र सिंह राजपूत, रामदयाल साहू, मनोहर गौर, नागेंद्र पटेल, पूरनलाल साहू, दिनेश पटेल, जय सिंह पटेल आदि उपस्थित रहे।




