अपराध

मान.प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय गृहमंत्री के निर्देशानुसार नशामुक्त मध्य प्रदेश के लिए डीजीपी की बड़ी पहल,नशीले पदार्थों के विरुद्ध 03 वर्षीय विस्‍तृत कार्ययोजना होगी तैयार



भोपाल- पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल के कॉन्फ्रेंस रूम में पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की समस्या को समूल नष्ट करने के लिए एक 03 वर्षीय विस्तृत कार्ययोजना की रूपरेखा तैयार करना था। यह बैठक 09 जनवरी, 2026 को माननीय केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में हुई APEX समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुक्रम में आयोजित की गई।

बैठक में डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने आगामी रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विगत वर्ष मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जागरूकता अभियान ने नागरिकों के बीच एक बड़ी जागरूकता एवं चेतना उत्‍पन्‍न की है। उन्होंने उल्लेख किया कि माह नवंबर 2025 में आयोजित डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस के दौरान माननीय प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृहमंत्री जी द्वारा भी मादक पदार्थों के विरूद्ध जागरूकता एवं कड़ी कार्यवाही हेतु निर्देश दिए गए थे।

डीजीपी ने जोर देकर कहा कि “हमने जिस तरह प्रदेश से नक्सलवाद को निर्धारित लक्ष्‍य से चार माह पूर्व समाप्त किया है, अब नारकोटिक्स ड्रग्स को भी उसी प्रकार की बड़ी चुनौती मानकर खत्म करना है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि 09 जनवरी को केंद्रीय गृहमंत्री की बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत 1 अप्रैल 2026 से अगले 03 वर्षों तक ‘ड्रग फ्री इंडिया’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरे देश के साथ मध्य प्रदेश भी संकल्पित होकर काम करेगा। डीजीपी ने माफिया नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति, सप्लाई और डिमांड चेन को तोड़ने के लिए मंदसौर, नीमच, रतलाम, भोपाल, इंदौर एवं अन्‍य जिलों के हॉटस्पॉट चिन्‍हित कर पैनी नजर रखने और अन्‍य जिलों में फैल रहे ड्रग्स कारोबार के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से एक सुदृढ़ रोडमैप तैयार करने तथा शैक्षणिक संस्थाओं के पास नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्त रोक लगाने हेतु बताया। उद्योगों में प्रयुक्त होने वाले केमिकल्स की जांच के लिए भी एक पुख्ता सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रसायनों का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों के लिए ही हो रहा है।

*कार्ययोजना के मुख्य स्तंभ और रणनीति:*
इस 03 वर्षीय योजना का प्राथमिक लक्ष्य सप्लाई चेन (आपूर्ति) को तोड़ना, मांग में कमी लाना, दोषियों की सजा दर (Conviction Rate) बढ़ाना और अंततः एक नशामुक्त समाज की स्थापना करना है। इसके लिए पुलिस विभाग ‘सप्लाई रिडक्शन’, ‘डिमांड रिडक्शन’, ‘हार्म रिडक्शन’ और अन्य विभागों के साथ ‘कोऑर्डिनेशन’ (समन्वय) की चतुर्मुखी रणनीति पर कार्य करेगा।

*नारकोटिक्स विंग की उपलब्धियां और डेटा (वर्ष 2025):*
बैठक में पिछले वर्षों के तुलनात्मक डेटा के माध्यम से पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की गई:
• पंजीबद्ध प्रकरण: वर्ष 2025 में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कुल 4,116 प्रकरण दर्ज किए गए।
• गिरफ्तारियां: नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त कुल 5,275 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
• जप्ती विवरण: वर्ष 2025 में कुल 64,615 किलोग्राम मादक पदार्थ जप्त किए गए, जिनमें स्मैक, अफीम, गांजा, चरस और डोडाचूरा प्रमुख हैं।

*प्रमुख सफलताएं:*
नारकोटिक्स विंग ने वर्ष 2025 में नीमच में अवैध रूप से संचालित क्लैंडस्टाइन लैब्स (Clandestine Labs) पर छापा मारकर करोड़ों रुपये की एमडी (MD) ड्रग्स जप्त की (एक मामले में ₹30 करोड़ और दूसरे में ₹3.34 करोड़ की जप्ती शामिल है)। इसके अतिरिक्त, इंदौर में एक अफ्रीकी युवती से 31 ग्राम कोकीन (मूल्य ₹15.50 लाख) भी बरामद की गई।

*कठोर कानूनी और सुधारात्मक कदम:*
• मादक पदार्थों का विनष्टीकरण: वर्ष 2025 में कुल 1,44,025 किलोग्राम जप्तशुदा ड्रग्स का विनिष्टीकरण किया गया, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 347 करोड़ रुपये था।
• संपत्ति कुर्की (SAFEMA): ड्रग तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वर्ष 2025 में 54 कार्यवाहियों में 301.41 करोड़ रुपये की संपत्ति ‘सफेमा’ (SAFEMA) एक्ट के तहत कुर्क की गई, जिसमें मंदसौर और नीमच जिले अग्रणी रहे।
• निवारक निरोध (PIT NDPS): आदतन अपराधियों के विरुद्ध वर्ष 2025 में इंदौर, रतलाम और नीमच जैसे जिलों में प्रभावी कार्रवाई की गई।
• निदान (NIDAAN) पोर्टल: प्रदेश के 33,153 अपराधियों का डेटा ‘निदान पोर्टल’ पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके। यह पोर्टल 2022 में विकसित किया गया था। ‍

*प्रशिक्षण और जन-जागरूकता:*
पुलिस अधिकारियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए वर्ष 2025 में 08 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 794 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें गुणवत्ता पूर्ण विवेचना, निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही, एनडीपीएस प्रकरणों में वित्तीय अनुसंधान एवं विवेचना में तकनीकी पक्ष का उपयोग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। बैठक में ‘मानस’ (MANAS) हेल्पलाइन 1933 14446, 112, 7049100785 एवं वेब पोर्टल https://ncbmanas.gov.in/ के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।

इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स विंग) श्री के.पी. वेंकटेश्वर राव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में श्री रितेश रंजन, जोनल डायरेक्टर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, इंदौर; श्री निखिल गांधी, डिप्टी कमिश्नर, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स, नीमच; श्री उत्सव पाराशर, असिस्टेंट डायरेक्टर, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यूनिट, भोपाल; श्री दिनेश श्रीवास्तव, ड्रग कंट्रोलर; श्री आशुतोष कानूनगो, मुख्य अभियंता, एम.पी.आई.डी.सी. तथा श्री आर.के. सिंह, संयुक्त संचालक, सामाजिक न्याय विभाग आदि उपस्थित थे।
*क्रमांक-36/2026                                               राजेश दाहिमा*

Vijay Vishwakarma

Vijay Vishwakarma is a respected journalist based in Bhopal, who reports for Goodluck Media News. He is known for his exceptional reporting skills and extensive knowledge of the region. With a keen eye for detail and a passion for uncovering the truth, he has earned a reputation as a reliable and trustworthy source of news.

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