राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कर्मचारी/श्रमिक संघ का मध्यप्रदेश शासन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन निरंतर जारी

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कर्मचारी/श्रमिक संघ ने विश्वविद्यालय के विभाजन एवं कर्मचारियों के नियमितीकरण/ विनियमितिकरण के संबंध में 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया था किन्तु कर्मचारी श्रमिक संघ की किसी भी मांग पर सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की और से कोई भी सकारात्मक रुख सामने नहीं आया है, प्रशासन दोनों ही कर्मचारी /श्रमिक संघ की मांगों पर मोन है। जिसके कारण संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद किया है कर्मचारी/श्रमिक संघ के अध्यक्ष हेमराज बागवान ने सरकार से विश्वविद्यालय में हुई अनियमितता की पूरी जांच सीबीआई से कराने की मांग की भोपाल इंजिनियरिंग कॉलेज को सरकार द्वारा आवंटित जमीन का 1998 की स्थिति में लेंड मार्क के आधार पर भोतीक सत्यापन किये जाने का मुद्दा उठाया महामंत्री शुधीर कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय के विभाजन के सरकार के निर्णय को तुरंत स्थगित करने कर्मचारियों को नियमित करने एवं किसी भी स्थिति में विश्वविद्यालय का फण्ड अन्य स्थानों पर स्थानांतरित नहीं किये जाने की मांग को उठाते हुए कहा की विश्वविद्यालय में वर्षों से बंदरबांट मची हुई है। इसलिए निष्पक्ष जांच किया जाना चाहिए। आज़ राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कर्मचारी/श्रमिक संघ की द्वार सभा में मांगें पूरी नहीं होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने के संकल्प को दोहराया गया आवश्यकता पड़ने पर संघ आंदोलन को और तिव्र करने के निर्णय पर सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में सहमति देते हुए आश्वासन के आधार पर आंदोलन को स्थगित नहीं किये जाने का निर्णय पारित कर शासन प्रशासन को संघ की सभी न्यायोचित मांगों का निराकरण शीघ्र करने के लिए विश्वविद्यालय एवं सरकार को चेतावनी देते हुए कहा की संघ भारतीय मजदूर संघ के सिद्धांतों को मानता है। सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा की किसी भी कीमत पर विश्वविद्यालय का विभाजन नहीं होने दिया जाएगा उसके लिए संघ को हर स्तर पर लड़ाई लड़ना पड़ी तो संघ पिछे नहीं हटेगा। सुधीर कुमार शर्मा) महामंत्री राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कर्मचारी/ श्रमिक संघ



