महर्षि महेश योगी संस्थान और विद्या मंदिर के अध्यक्ष गिरीश चंद्र वर्मा द्वारा लगाया गया 10 लाख रुपए की मानहानि का केस कोर्ट ने किया खारिज

महर्षि महेश योगी संस्थान और विद्या मंदिर के अध्यक्ष गिरीश चंद्र वर्मा द्वारा लगाया गया 10 लाख रुपए की मानहानि का केस कोर्ट ने किया खारिज
महर्षि विद्या मंदिर के अध्यक्ष गिरीश चंद्र वर्मा द्वारा लगाया गया 10 लाख रुपए की मानहानि का केस कोर्ट ने किया खारिज-
कोर्ट ने आदेश में कहा केस दायर करने वाली वादी संस्था प्रतिवादी का भी खर्च वहन करे
पूरे देश में महर्षि शिक्षा संस्थान समिति के द्वारा – महर्षि विद्या मंदिर के नाम से पब्लिक स्कूल संचालित किए जाते हैं-समिति के द्वारा – संचालित प्रयागराज इलाहाबाद स्थित स्कूल के एक पूर्व शिक्षक राजेश कुमार पांडे के विरुद्ध 10 लाख रुपए की माननीय का प्रकरण कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया है-


न्यायाधीश श्रीमान राहुल सिंह यादव ने अपने निर्णय में केस खारिज करते हुए आदेश में यह भी कहा कि वादी संस्था ही इस प्रकरण का खर्च वहन करें और प्रतिवादी राजेश कुमार पांडे का कोर्ट खर्च भी वह वहन करे- दरअसल पूर्व शिक्षक राजेश कुमार पांडे महर्षि शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित महर्षि विद्या मंदिर स्कूल प्रयागराज इलाहाबाद में नौकरी करते थे – संस्थान के उच्चअधिकारियों द्वारा प्रताड़ित करने के कारण पूर्व शिक्षक द्वारा त्याग पत्र दे दिया गया और संस्थान के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार एवं संस्थान द्वारा उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर बिना मान्यता के स्कूल चलाने संबंधी शिकायत सरकार और प्रशासन में किए जाने के कारण- कुपित होकर महर्षि संस्थान द्वारा-संचालित स्कूल के नाम से पूर्व शिक्षक के ऊपर भोपाल जिला न्यायालय में वर्ष 2012मेंमानहानि का केस दर्ज कराया गया था-14 वर्ष तक लगातार प्रयागराज इलाहाबाद से आकर भोपाल जिला न्यायालय में आकर पूर्व शिक्षक द्वारा बिना हार माने मुकदमा लड़ा गया-और अंत मेंमुकदमे में जीत हासिल की -महर्षि विद्या मंदिर द्वारा कोर्ट में पेश किए गए अभिलेखों से प्रमाणित नहीं हो पाया कि पूर्व शिक्षक द्वारा किसी भी प्रकार से महर्षि विद्या मंदिर संस्था की मानहानि की गई है- पूर्व शिक्षक द्वारा संस्थान के उच्च अधिकारियों की शिकायत – शासन प्रशासन को की गई थी जो की जांच करने पर सही पाई गई- इसलिए मानहानि का प्रकरण न्यायालय के समक्ष साबित नहीं हो सका – पूर्व शिक्षक राजेश कुमार पांडे से फोन पर बात करने पर उन्होंने कहा कि सच्चाई की जीत हुई और अंत में 14 वर्ष बाद उन्हें न्याय मिला – वादी संस्था से मुकदमे लड़ने में खर्च हुए धन को भी न्यायालय के आदेश अनुसार संस्थान के प्रबंधन से क्लेम करेंगे



